लाइव
विज्ञापन
Demo Interstitial - Migration Consultancy
राजनीति
राजनीति

हरिद्वार जमीन घोटाला: उत्तराखंड सरकार ने पूर्व नगर आयुक्त को सेवा से किया बर्खास्त, धामी सरकार का भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार

ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 02:19 am
हरिद्वार जमीन घोटाला: उत्तराखंड सरकार ने पूर्व नगर आयुक्त को सेवा से किया बर्खास्त, धामी सरकार का भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार

उत्तराखंड की धामी सरकार ने भ्रष्टाचार पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत हरिद्वार भूमि घोटाले में संलिप्त पूर्व नगर आयुक्त को बर्खास्त कर दिया है।

देहरादून: उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने प्रशासनिक सुचिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए हरिद्वार के पूर्व नगर आयुक्त दयानंद सरस्वती को सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई हरिद्वार में हुए चर्चित भूमि घोटाले में उनकी कथित संलिप्तता और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोपों के आधार पर की गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी निर्देशों के बाद शासन ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं। यह मामला हरिद्वार में भूमि हस्तांतरण और अवैध आवंटन से जुड़ा है, जिसमें सरकारी नियमों को ताक पर रखकर निजी हितों को लाभ पहुँचाने के आरोप लगे थे। पूर्व में, मुख्यमंत्री धामी ने इस मामले की गहन जाँच के आदेश दिए थे, जिसके बाद दयानंद सरस्वती सहित कई अन्य अधिकारियों को निलंबित किया गया था। जाँच समिति की रिपोर्ट में पूर्व नगर आयुक्त के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने के बाद, राज्य सरकार ने उन्हें पद से हटाने का कठोर निर्णय लिया है। प्रशासनिक गलियारों में इस फैसले को मुख्यमंत्री धामी की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के प्रतिबिंब के रूप में देखा जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो। इससे पहले भी उत्तराखंड सरकार ने विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे अधिकारियों पर नकेल कसी है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय, विशेष रूप से वे जो उत्तराखंड से ताल्लुक रखते हैं, उनके लिए यह खबर काफी महत्वपूर्ण है। प्रवासी भारतीयों (NRIs) के लिए भारत में भूमि निवेश हमेशा से एक संवेदनशील मुद्दा रहा है। हरिद्वार जैसे पवित्र शहरों में जमीन की खरीद-फरोख्त में पारदर्शिता की कमी अक्सर निवेशकों को चिंतित करती रही है। ऐसे में सरकार द्वारा भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ की गई यह कार्रवाई न केवल शासन में विश्वास बढ़ाती है, बल्कि रियल एस्टेट क्षेत्र में जवाबदेही भी सुनिश्चित करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के कड़े कदम भविष्य में अन्य अधिकारियों के लिए चेतावनी का काम करेंगे। हरिद्वार जमीन घोटाले ने स्थानीय राजनीति में भी काफी हलचल पैदा की थी। विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा था, लेकिन सरकार ने अपनी ही मशीनरी के भीतर सफाई अभियान चलाकर यह साबित किया है कि वह पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में इस घोटाले से जुड़े कुछ और बड़े नामों पर भी गाज गिर सकती है। शासन स्तर पर अन्य संदिग्ध फाइलों की भी पड़ताल की जा रही है। धामी सरकार के इस रुख ने उत्तराखंड के आम नागरिकों के साथ-साथ विदेशों में बसे उन प्रवासियों को भी एक सकारात्मक संकेत दिया है जो अपनी मातृभूमि में व्यवस्थागत सुधार की उम्मीद रखते हैं।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

कांग्रेस में आंतरिक कलह: शशि थरूर की मोदी भक्ति पर पवन खेड़ा का कटाक्ष, कहा- 'वो भी सुन लेते हैं जो मोदी ने कहा ही नहीं'
राजनीति

कांग्रेस में आंतरिक कलह: शशि थरूर की मोदी भक्ति पर पवन खेड़ा का कटाक्ष, कहा- 'वो भी सुन लेते हैं जो मोदी ने कहा ही नहीं'

पवन खेड़ा ने शशि थरूर पर तंज कसते हुए कहा कि वे पीएम मोदी की तारीफ के लिए कुछ भी कर सकते हैं और ऐसी बातें भी सुन लेते हैं जो कही नहीं गईं।

20 जून 2026, 08:41 pm
भारत ने पाक राष्ट्रपति जरदारी के बयान को बताया ‘भड़काऊ’, कहा- हमारे आंतरिक मामलों में दखल न दे पाकिस्तान
राजनीति

भारत ने पाक राष्ट्रपति जरदारी के बयान को बताया ‘भड़काऊ’, कहा- हमारे आंतरिक मामलों में दखल न दे पाकिस्तान

भारत ने पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी द्वारा वाराणसी की मस्जिद को लेकर दिए गए बयान की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने इसे नफरत फैलाने वाला और आंतरिक मामलों में दखल बताया है।

20 जून 2026, 07:11 pm
RSS दफ्तरों पर हमले की बड़ी साजिश का खुलासा: दुबई से मिले थे निर्देश, रांची के बाद लखनऊ था अगला निशाना
राजनीति

RSS दफ्तरों पर हमले की बड़ी साजिश का खुलासा: दुबई से मिले थे निर्देश, रांची के बाद लखनऊ था अगला निशाना

रांची में आरएसएस कार्यालय पर हुए हमले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, इस हमले के तार दुबई से जुड़े हैं और अगला निशाना लखनऊ था।

20 जून 2026, 05:56 pm
Original text
Rate this translation
Your feedback will be used to help improve Google Translate