ऑस्ट्रेलिया
तुंगभद्रा जलाशय: 25 जून को होगा सभी 33 क्रस्ट गेटों का भव्य उद्घाटन, किसानों और प्रवासियों में खुशी की लहर
ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 02:52 am

तुंगभद्रा बांध के गेट नंबर 19 की सफल मरम्मत के बाद, अब 25 जून को सभी 33 क्रस्ट गेटों का औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा। इससे तीन राज्यों के लाखों किसानों को बड़ी राहत मिली है।
कर्नाटक के कोप्पल जिले में स्थित तुंगभद्रा जलाशय, जिसे 'पंपा सागर' के नाम से भी जाना जाता है, एक बार फिर अपनी पूरी क्षमता के साथ सेवा के लिए तैयार है। हाल ही में गेट नंबर 19 के टूटने से पैदा हुई गंभीर स्थिति के सफलतापूर्वक समाधान के बाद, प्रशासन ने आगामी 25 जून को जलाशय के सभी 33 क्रस्ट गेटों के औपचारिक उद्घाटन की घोषणा की है। यह घटनाक्रम न केवल स्थानीय किसानों के लिए, बल्कि ऑस्ट्रेलिया में बसे उन हजारों प्रवासियों के लिए भी राहत की खबर है, जिनके परिवार कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के ग्रामीण इलाकों में कृषि पर निर्भर हैं।
उल्लेखनीय है कि कुछ समय पहले गेट नंबर 19 की विफलता ने एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया था। भारी जल दबाव के कारण गेट के क्षतिग्रस्त होने से नौ जिलों के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा था और करोड़ों क्यूसेक पानी के बर्बाद होने की आशंका थी। हालांकि, भारतीय इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने रिकॉर्ड समय में इस चुनौती को स्वीकार किया और एक नया स्टॉप-लॉग गेट स्थापित कर स्थिति को नियंत्रित किया। 25 जून का उद्घाटन समारोह इसी सफल इंजीनियरिंग प्रयास और बांध की सुरक्षा बहाली का प्रतीक होगा।
तुंगभद्रा बांध का महत्व इन तीन राज्यों के लिए जीवनरेखा के समान है। रायचूर, कोप्पल, बेल्लारी, विजयनगर (कर्नाटक), कुरनूल, अनंतपुर (आंध्र प्रदेश) और महबूबनगर (तेलंगाना) जैसे जिलों की लगभग 12 लाख एकड़ भूमि की सिंचाई इसी जलाशय पर टिकी है। इसके अलावा, यह क्षेत्र के बड़े हिस्से के लिए पीने के पानी का मुख्य स्रोत भी है। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी, मेलबर्न और ब्रिस्बेन जैसे शहरों में रहने वाले दक्षिण भारतीय समुदाय के लोग, जो मूल रूप से इन क्षेत्रों से आते हैं, सोशल मीडिया और समाचारों के माध्यम से इस मरम्मत कार्य पर बारीकी से नजर रख रहे थे।
विशेषज्ञों के अनुसार, 25 जून को होने वाले उद्घाटन से पहले सुरक्षा के सभी मानकों की गहन जांच की गई है। बांध प्रबंधन समिति ने सुनिश्चित किया है कि सभी 33 गेटों का संचालन अब सुचारू रूप से हो रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह उद्घाटन न केवल मानसून के दौरान पानी के बेहतर प्रबंधन में मदद करेगा, बल्कि भविष्य के लिए एक मजबूत जल भंडारण नीति की नींव भी रखेगा।
ऑस्ट्रेलियाई-भारतीय समुदाय के लिए यह खबर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस क्षेत्र में कृषि स्थिरता सीधे तौर पर भारत में उनके पैतृक गांवों की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करती है। सिडनी में रहने वाले एक प्रवासी, जिनका परिवार बेल्लारी में खेती करता है, ने आईसीएम24 से बात करते हुए कहा कि बांध की मरम्मत की खबर ने उन्हें बड़ी चिंता से मुक्त कर दिया है। सरकार अब बांध की दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए एक व्यापक योजना पर भी विचार कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी तकनीकी विफलता को रोका जा सके।
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