राजनीति
'ख़ुद की लोकप्रियता पर ध्यान दें', डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणी पर जियोर्जिया मेलोनी का तीखा पलटवार
ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 04:40 pm

इतालवी प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने डोनाल्ड ट्रंप के उनके राजनीतिक कद पर उठाए गए सवालों का कड़ा जवाब दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मच गई है।
रोम और वाशिंगटन के बीच राजनयिक गलियारों में उस समय सरगर्मी बढ़ गई जब इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों पर पलटवार किया। ट्रंप ने हाल ही में मेलोनी की घरेलू लोकप्रियता और उनके राजनीतिक भविष्य पर सवाल उठाए थे, जिस पर मेलोनी ने उन्हें अपनी खुद की लोकप्रियता और रेटिंग पर ध्यान देने की सलाह दी है। यह वाकयुद्ध इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों नेताओं को अक्सर एक ही दक्षिणपंथी विचारधारा के दायरे में देखा जाता है।
डोनाल्ड ट्रंप ने एक साक्षात्कार के दौरान संकेत दिया था कि मेलोनी की लोकप्रियता में गिरावट आ रही है और वह अपनी शुरुआती चमक खो रही हैं। इसके जवाब में मेलोनी ने स्पष्ट किया कि एक लोकतांत्रिक नेता के तौर पर उनका जनादेश मजबूत है और उन्हें किसी बाहरी व्यक्ति के प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है। मेलोनी का यह रुख उनके उस व्यक्तित्व के अनुरूप है जिसके लिए वे जानी जाती हैं—एक दृढ़ और स्पष्टवादी नेता जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी बात मजबूती से रखना जानती हैं।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए यह खबर विशेष रुचि रखती है, क्योंकि जियोर्जिया मेलोनी के भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बहुत करीबी और मधुर संबंध रहे हैं। 'मेलोडी' हैशटैग के साथ सोशल मीडिया पर उनकी केमिस्ट्री अक्सर चर्चा का विषय बनती है। दूसरी ओर, डोनाल्ड ट्रंप की वापसी की संभावनाओं के बीच वैश्विक कूटनीति के समीकरण बदल रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय मूल के लोग, जो वैश्विक भू-राजनीति पर बारीकी से नजर रखते हैं, इस टकराव को 'अमेरिका फर्स्ट' नीति और यूरोपीय संप्रभुता के बीच एक नए संघर्ष के रूप में देख रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का हमला मेलोनी की उन नीतियों से प्रेरित हो सकता है जिनमें उन्होंने हाल के दिनों में अमेरिका के कट्टरपंथी रुख से थोड़ा अलग हटकर यूरोपीय संघ के साथ तालमेल बिठाने की कोशिश की है। मेलोनी ने सत्ता संभालने के बाद से खुद को एक जिम्मेदार और संतुलित वैश्विक नेता के रूप में पेश किया है, जो नाटो और यूक्रेन के समर्थन में मजबूती से खड़ा है। यह शायद ट्रंप के उन समर्थकों को रास नहीं आ रहा जो इटली से अधिक विघटनकारी रुख की उम्मीद कर रहे थे।
इस घटनाक्रम ने यह भी उजागर किया है कि दक्षिणपंथी राजनीति के भीतर भी दरारें मौजूद हैं। ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में, जहां क्वाड (QUAD) और अन्य रणनीतिक साझेदारियों के माध्यम से भारत और अमेरिका के संबंध गहरे हैं, वहां यूरोपीय नेतृत्व के साथ ट्रंप के इस तरह के विवादों का प्रभाव क्षेत्रीय सुरक्षा और व्यापार समझौतों पर भी पड़ सकता है। मेलोनी का पलटवार यह संदेश देता है कि आज के दौर में मध्य-मार्गी या दक्षिणपंथी झुकाव वाले नेता भी अमेरिकी प्रभाव के सामने झुकने को तैयार नहीं हैं।
फिलहाल, ट्रंप की टीम की ओर से मेलोनी की इस प्रतिक्रिया पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंच पर मेलोनी के इस साहसी रुख की सराहना की जा रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि यदि ट्रंप दोबारा सत्ता में आते हैं, तो इटली और अमेरिका के संबंधों की दिशा क्या होगी।
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