राजनीति
तेहरान में राष्ट्रपति रईसी के अंतिम संस्कार में शामिल हुए अयातुल्ला खामेनेई के बच्चे; उत्तराधिकार को लेकर चर्चा तेज
ICN24 Newsroom 5 जुल॰ 2026, 11:31 pm

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बच्चों की सार्वजनिक उपस्थिति ने देश के राजनीतिक भविष्य और संभावित उत्तराधिकार को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है।
तेहरान में दिवंगत राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी और उनके सहयोगियों के अंतिम संस्कार के दौरान एक दुर्लभ दृश्य देखने को मिला, जिसने वैश्विक कूटनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के पुत्रों—मोजतबा, मुस्तफा, मोहसिन और मेयसम—को सार्वजनिक रूप से शोक सभाओं में भाग लेते देखा गया। आम तौर पर पर्दे के पीछे रहने वाले खामेनेई परिवार की इस उपस्थिति को ईरान की भविष्य की राजनीति और सत्ता के संभावित हस्तांतरण के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
विशेष रूप से मोजतबा खामेनेई की मौजूदगी ने राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान सबसे अधिक आकर्षित किया है। मोजतबा को लंबे समय से उनके पिता के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता रहा है, हालांकि ईरान के आधिकारिक हलकों में इसकी कभी पुष्टि नहीं की गई है। राष्ट्रपति रईसी की एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में असामयिक मृत्यु के बाद, जो स्वयं सर्वोच्च नेता के पद के प्रबल दावेदार माने जाते थे, अब उत्तराधिकार की दौड़ फिर से खुल गई है। इस संवेदनशील समय में खामेनेई के बेटों का सामने आना सत्ता की निरंतरता और आंतरिक स्थिरता का संदेश देने की एक कोशिश मानी जा रही है।
भारत के लिए ईरान में हो रहे ये घटनाक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंध हैं, विशेष रूप से चाबहार बंदरगाह और अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) के संदर्भ में। राष्ट्रपति रईसी के निधन पर भारत ने एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की थी और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने तेहरान जाकर भारत की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की थी। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए भी यह समाचार प्रासंगिक है, क्योंकि मध्य पूर्व में किसी भी प्रकार की अस्थिरता का सीधा प्रभाव वैश्विक तेल कीमतों और ऑस्ट्रेलिया की क्षेत्रीय सुरक्षा नीतियों पर पड़ता है।
ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय के लोग, जो अक्सर भू-राजनीतिक बदलावों पर पैनी नजर रखते हैं, इस घटनाक्रम को भारत की ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक निवेश के नजरिए से देख रहे हैं। यदि मोजतबा खामेनेई या परिवार का कोई अन्य सदस्य भविष्य में अधिक सक्रिय भूमिका निभाता है, तो यह ईरान की विदेश नीति की दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण होगा। वर्तमान में, ईरान एक कठिन दौर से गुजर रहा है, जहां उसे आंतरिक असंतोष और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय तनावों का भी सामना करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अयातुल्ला खामेनेई के बेटों की यह उपस्थिति केवल शोक व्यक्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ईरान के भीतर सत्ता के विभिन्न केंद्रों को एक एकजुटता का संदेश देने का प्रयास है। जैसे-जैसे ईरान नए राष्ट्रपति के चुनाव की ओर बढ़ रहा है, खामेनेई परिवार की भूमिका और उनके बढ़ते प्रभाव पर दुनिया भर की नजरें टिकी रहेंगी। ICN24 इस क्षेत्र में हो रहे बदलावों और उनके भारतीय हितों पर पड़ने वाले प्रभावों की बारीकी से निगरानी करता रहेगा।
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