राजनीति
यूपी चुनाव में गुटबाजी पर नितिन नवीन सख्त: एनडीए सहयोगियों को दी एकजुटता की नसीहत
ICN24 Newsroom 5 जुल॰ 2026, 09:31 pm
भाजपा के यूपी सह-प्रभारी नितिन नवीन ने लखनऊ में एनडीए सहयोगियों के साथ बैठक की और चुनाव के दौरान आपसी गुटबाजी और भितरघात को लेकर सख्त चेतावनी दी।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के चुनाव सह-प्रभारी नितिन नवीन ने राज्य में आगामी उपचुनावों से पहले पार्टी और गठबंधन के भीतर बढ़ती गुटबाजी पर कड़ा रुख अपनाया है। लखनऊ के होटल ताज में रविवार को एनडीए (NDA) के घटक दलों के साथ आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चुनाव के समय अक्सर यह देखा जाता है कि एक गुट दूसरे को ‘निपटाने’ या नुकसान पहुंचाने की कोशिश में जुट जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी प्रवृत्तियां न केवल गठबंधन की संभावनाओं को कमजोर करती हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के मनोबल पर भी विपरीत प्रभाव डालती हैं।
नितिन नवीन के उत्तर प्रदेश दौरे का यह दूसरा दिन था, जहां उन्होंने आगामी विधानसभा उपचुनावों की रणनीति तैयार करने के लिए अपना दल (एस), निषाद पार्टी, सुभासपा और राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के प्रमुख नेताओं और प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया। बैठक के दौरान उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एनडीए का मुख्य उद्देश्य एकजुट होकर चुनाव लड़ना और जीत हासिल करना है। उन्होंने सहयोगियों से अपील की कि वे अपने मतभेदों को दरकिनार कर केवल ‘कमल’ और गठबंधन के साझा हितों पर ध्यान केंद्रित करें।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि नितिन नवीन का यह बयान हाल के लोकसभा चुनावों में कुछ सीटों पर मिली अप्रत्याशित हार के बाद आया है, जहां भितरघात और आपसी तालमेल की कमी को हार का एक बड़ा कारण माना गया था। नवीन ने कड़े लहजे में कहा कि यदि गठबंधन के भीतर कोई भी पक्ष दूसरे को कमजोर करने की कोशिश करेगा, तो उसका सीधा फायदा विपक्ष को मिलेगा। उन्होंने जिला स्तर पर समन्वय समितियों को सक्रिय करने और बूथ स्तर तक संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए।
इस बैठक में सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर, निषाद पार्टी के डॉ. संजय निषाद और अपना दल (एस) के प्रतिनिधियों ने अपनी बातें रखीं। सहयोगियों ने भी भाजपा नेतृत्व से उम्मीद जताई कि जमीनी स्तर पर भाजपा कार्यकर्ताओं का सहयोग उन्हें पूरी तरह से मिलेगा। नितिन नवीन ने आश्वासन दिया कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व हर विधानसभा सीट की बारीकी से निगरानी कर रहा है और अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय, विशेषकर उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले प्रवासी भारतीयों के लिए उत्तर प्रदेश की राजनीतिक स्थिरता काफी मायने रखती है। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के लोग अक्सर अपने गृह राज्य में विकास और निवेश की संभावनाओं पर नजर रखते हैं। यूपी में राजनीतिक उठापटक और चुनावी नतीजों का असर सीधे तौर पर राज्य की छवि और वहां आने वाले विदेशी निवेश पर पड़ता है। सिडनी और मेलबर्न में सक्रिय कई प्रवासी संगठनों का मानना है कि मजबूत और स्थिर सरकार ही यूपी को वैश्विक मंच पर एक औद्योगिक हब के रूप में स्थापित कर सकती है।
संबंधित ख़बरें

राजनीति
ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर तीखा हमला: 'दो बार विफल रहने के बाद अब उनके पास कोई काम नहीं'
सुभासपा प्रमुख ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वे दो बार सरकार बनाने में विफल रहे हैं और अब उनके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है।
5 जुल॰ 2026, 10:31 pm

राजनीति
नीट पेपर लीक मामला: शिमला में एसएफआई का जोरदार प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
शिमला में एसएफआई ने नीट परीक्षा में हुई धांधली के खिलाफ उपायुक्त कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
5 जुल॰ 2026, 08:31 pm

राजनीति
सिया गोयल-केतन अग्रवाल विवाद: वायरल चैट से शादी की मंशा पर उठे सवाल, पिता ने 'मिडिल फिंगर' विवाद पर तोड़ी चुप्पी
सिया गोयल और केतन अग्रवाल की शादी के विवाद में अब एक नया मोड़ आया है। वायरल चैट और पिता के बयानों ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है।
5 जुल॰ 2026, 07:31 pm

