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ऑस्ट्रेलिया की नई प्रवासन रणनीति: भारतीय छात्रों और पेशेवरों के लिए क्या बदलेगा?

ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 04:51 am
ऑस्ट्रेलिया की नई प्रवासन रणनीति: भारतीय छात्रों और पेशेवरों के लिए क्या बदलेगा?

ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने प्रवासन नियमों में बड़े बदलावों की घोषणा की है, जिससे भारतीय छात्रों और कुशल श्रमिकों के लिए वीजा प्रक्रिया और वर्क राइट्स प्रभावित होंगे।

ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने देश की प्रवासन प्रणाली में आमूल-चूल बदलाव की घोषणा की है, जिसका सीधा असर वहां रहने वाले और भविष्य में जाने की योजना बना रहे भारतीय समुदाय पर पड़ेगा। गृह मंत्री क्लेयर ओ'नील ने एक नई प्रवासन रणनीति (Migration Strategy) का अनावरण किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य नेट ओवरसीज माइग्रेशन (प्रवासियों की शुद्ध संख्या) को कम करना और प्रवासन प्रणाली की खामियों को दूर करना है। यह कदम विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय छात्रों और कम कुशल श्रमिकों के लिए नियमों को सख्त बनाने पर केंद्रित है। भारतीय समुदाय, जो ऑस्ट्रेलिया में दूसरा सबसे बड़ा प्रवासी समूह है, के लिए सबसे महत्वपूर्ण बदलाव 'वीजा हॉपिंग' पर रोक है। सरकार उन रास्तों को बंद कर रही है जो पर्यटकों को छात्र वीजा पर रहने या छात्रों को बार-बार अपना कोर्स बदलकर ऑस्ट्रेलिया में अनिश्चित काल तक रहने की अनुमति देते थे। अब, छात्रों को एक 'जेनुइन स्टूडेंट टेस्ट' से गुजरना होगा, जो यह सुनिश्चित करेगा कि उनका प्राथमिक उद्देश्य पढ़ाई करना है न कि केवल काम करना। अंग्रेजी भाषा की आवश्यकताओं को भी कड़ा कर दिया गया है। छात्र वीजा के लिए अब उच्च आईईएलटीएस (IELTS) या समकक्ष स्कोर की आवश्यकता होगी। इसके अतिरिक्त, पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा (अस्थायी स्नातक वीजा) की आयु सीमा को 50 वर्ष से घटाकर 35 वर्ष कर दिया गया है। यह उन अनुभवी भारतीय पेशेवरों के लिए चिंता का विषय हो सकता है जो उच्च शिक्षा के माध्यम से ऑस्ट्रेलिया में स्थायी निवास (PR) की तलाश में थे। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि उच्च-कुशल श्रमिकों के लिए 'स्किल्स इन डिमांड' नाम का एक नया वीजा पेश किया जाएगा, जिससे आईटी, स्वास्थ्य सेवा और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञों को लाने में आसानी होगी। भारतीयों के लिए एक सकारात्मक पहलू 'मेट्स' (MATES) योजना है। भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (ECTA) के तहत, युवा भारतीय पेशेवरों और शोधकर्ताओं के लिए विशेष गतिशीलता मार्ग सुरक्षित रहेंगे। यह योजना स्नातक वीजा के सामान्य नियमों में होने वाले बदलावों से प्रभावित नहीं होगी, जो भारतीय प्रतिभाओं के लिए एक राहत की खबर है। प्रवासन विशेषज्ञों का कहना है कि इन बदलावों से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, लेकिन कम योग्यता वाले आवेदकों के लिए रास्ते कठिन हो जाएंगे। भारतीय समुदाय को अब अपनी वीजा योजनाओं को अधिक सावधानी से बनाने की आवश्यकता होगी, जिसमें कौशल और वास्तविक शैक्षणिक उद्देश्यों पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए। ICN24 की सलाह है कि छात्र और पेशेवर किसी भी आवेदन से पहले नए नियमों की पूरी जांच कर लें।
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