ऑस्ट्रेलिया
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच 'एशिया' बना ऑस्ट्रेलियाई पर्यटकों की पहली पसंद; जानें क्यों बदल रहे हैं यात्रा के समीकरण
ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 07:39 pm
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण ऑस्ट्रेलियाई यात्रियों की प्राथमिकताएं बदल रही हैं। अब वे यूरोप के बजाय भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया जैसे सुरक्षित गंतव्यों को चुन रहे हैं।
वैश्विक राजनीति में बढ़ते तनाव और मध्य पूर्व (Middle East) में जारी संघर्ष ने न केवल अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को प्रभावित किया है, बल्कि ऑस्ट्रेलिया से बाहर यात्रा करने वाले लोगों की प्राथमिकताओं को भी बदल दिया है। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया के लोगों में विदेश यात्रा का उत्साह कम नहीं हुआ है, लेकिन अब वे अपने गंतव्यों का चुनाव बहुत सोच-समझकर कर रहे हैं। विशेष रूप से भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए, एशिया की यात्रा अब न केवल सुरक्षित बल्कि आर्थिक रूप से भी एक बेहतर विकल्प बनकर उभरी है।
ट्रैवल विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में मध्य पूर्व के हवाई क्षेत्र में अस्थिरता के कारण कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के मार्ग बदले गए हैं। इससे यूरोप और उत्तरी अफ्रीका जाने वाली उड़ानों के समय और किराए में वृद्धि हुई है। ऐसे में ऑस्ट्रेलियाई पर्यटक अब उन गंतव्यों की तलाश कर रहे हैं जो भौगोलिक रूप से स्थिर हों। इस दौड़ में दक्षिण-पूर्व एशिया (थाईलैंड, वियतनाम, इंडोनेशिया) और भारतीय उपमहाद्वीप सबसे आगे हैं। भारत के साथ ऑस्ट्रेलिया के बढ़ते व्यापारिक और कूटनीतिक रिश्तों ने भी हवाई कनेक्टिविटी को बेहतर बनाया है, जिससे पर्यटकों के लिए यह एक सुलभ विकल्प बन गया है।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए यह बदलाव एक दोहरा अवसर लेकर आया है। दिसंबर की छुट्टियों और शादी-ब्याह के सीजन के करीब आते ही, बहुत से लोग अपने परिवारों से मिलने भारत जाने की योजना बना रहे हैं। पहले कई लोग दुबई, कतर या अबू धाबी जैसे शहरों में 'स्टॉपओवर' लेकर यूरोप या अमेरिका जाना पसंद करते थे। लेकिन अब सुरक्षा कारणों और ट्रांजिट की अनिश्चितता को देखते हुए, वे सीधे भारत या फिर सिंगापुर और बैंकॉक के रास्ते यात्रा करना अधिक सुरक्षित मान रहे हैं। इसके अलावा, वियतनाम और बाली जैसे स्थान ऑस्ट्रेलियाई बजट यात्रियों के लिए हमेशा से आकर्षक रहे हैं, और अब वहां की शांतिपूर्ण स्थिति उन्हें और अधिक लुभा रही है।
आर्थिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो, एशियाई देशों में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की क्रय शक्ति यूरोप या अमेरिका की तुलना में कहीं अधिक है। मध्य पूर्व के संकट के कारण वैश्विक तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव हो रहा है, जिससे लंबी दूरी की उड़ानों के टिकट महंगे हो रहे हैं। इसके विपरीत, ऑस्ट्रेलिया से एशिया के लिए छोटी दूरी की उड़ानें और किफायती विकल्प उपलब्ध हैं। एयरलाइंस भी अब एशियाई रूट पर अपनी क्षमता बढ़ा रही हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ी है और यात्रियों को बेहतर सौदे मिल रहे हैं।
निष्कर्ष के तौर पर, यदि आप आने वाले महीनों में विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो एशिया एक उत्कृष्ट विकल्प है। यह न केवल सुरक्षा और स्थिरता प्रदान करता है, बल्कि कम खर्च में विश्व स्तरीय पर्यटन का अनुभव भी देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक मध्य पूर्व में स्थितियां सामान्य नहीं होतीं, तब तक एशियाई पर्यटन बाजार में ऑस्ट्रेलिया से आने वाले पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी जारी रहेगी।
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