राजनीति
उद्धव ठाकरे की 'इस्तीफे' की पेशकश: शिव सेना (यूबीटी) में फिर बड़ी बगावत की आहट
ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 05:07 am
शिव सेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पार्टी में आंतरिक कलह और छह सांसदों के पाला बदलने की खबरों के बीच पद छोड़ने की इच्छा जताई है।
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शिव सेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पार्टी के भीतर बढ़ रहे असंतोष और संभावित दलबदल की खबरों के बीच एक बड़ा बयान दिया है। ठाकरे ने कहा है कि यदि उनके नेतृत्व पर सवाल उठाए जा रहे हैं, तो वह पद छोड़ने के लिए तैयार हैं। यह बयान तब आया है जब राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि उनके गुट के कम से कम छह सांसद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिव सेना में शामिल हो सकते हैं।
मुंबई में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ एक बैठक के दौरान, ठाकरे ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने कभी भी सत्ता का लालच नहीं किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि पार्टी के सदस्यों को लगता है कि उनके नेतृत्व में संगठन का भविष्य सुरक्षित नहीं है, तो वे स्वेच्छा से पीछे हटने को तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि गद्दारी करने वालों को जनता कभी माफ नहीं करेगी। यह घटनाक्रम 2022 की उस बड़ी बगावत की याद दिलाता है जिसने अविभाजित शिव सेना को दो हिस्सों में बांट दिया था और ठाकरे को मुख्यमंत्री का पद गंवाना पड़ा था।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले यह संकट उद्धव ठाकरे के लिए एक बड़ी चुनौती है। हाल के लोकसभा चुनावों में शिव सेना (यूबीटी) ने राज्य में अपनी पकड़ साबित की थी, लेकिन सांसदों के संभावित पलायन से यह धारणा बदल सकती है। शिंदे गुट लगातार यह दावा कर रहा है कि ठाकरे की विचारधारा अब बालासाहेब ठाकरे के सिद्धांतों से मेल नहीं खाती, जिसके कारण जमीनी स्तर के कार्यकर्ता और निर्वाचित प्रतिनिधि उनसे दूर हो रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय, विशेष रूप से महाराष्ट्र मूल के लोगों के लिए, यह खबर चिंता का विषय है। महाराष्ट्र भारत का एक प्रमुख आर्थिक केंद्र है और वहां की राजनीतिक अस्थिरता का सीधा असर निवेश और विकास परियोजनाओं पर पड़ता है। सिडनी और मेलबर्न में सक्रिय कई मराठी संगठनों के सदस्यों का मानना है कि राज्य में स्थिर सरकार और मजबूत विपक्ष दोनों की आवश्यकता है ताकि प्रगति की गति बनी रहे।
फिलहाल, उद्धव ठाकरे अपने वफादारों को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं। आने वाले कुछ दिन महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा तय करेंगे। यदि सांसदों का यह समूह वास्तव में पाला बदलता है, तो यह ठाकरे गुट के लिए न केवल राजनीतिक बल्कि कानूनी रूप से भी एक बड़ा झटका होगा, क्योंकि इससे सदन में उनकी संख्या और कम हो जाएगी।
संबंधित ख़बरें
राजनीति
कांग्रेस में आंतरिक कलह: शशि थरूर की मोदी भक्ति पर पवन खेड़ा का कटाक्ष, कहा- 'वो भी सुन लेते हैं जो मोदी ने कहा ही नहीं'
पवन खेड़ा ने शशि थरूर पर तंज कसते हुए कहा कि वे पीएम मोदी की तारीफ के लिए कुछ भी कर सकते हैं और ऐसी बातें भी सुन लेते हैं जो कही नहीं गईं।
20 जून 2026, 08:41 pm
राजनीति
भारत ने पाक राष्ट्रपति जरदारी के बयान को बताया ‘भड़काऊ’, कहा- हमारे आंतरिक मामलों में दखल न दे पाकिस्तान
भारत ने पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी द्वारा वाराणसी की मस्जिद को लेकर दिए गए बयान की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने इसे नफरत फैलाने वाला और आंतरिक मामलों में दखल बताया है।
20 जून 2026, 07:11 pm
राजनीति
RSS दफ्तरों पर हमले की बड़ी साजिश का खुलासा: दुबई से मिले थे निर्देश, रांची के बाद लखनऊ था अगला निशाना
रांची में आरएसएस कार्यालय पर हुए हमले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, इस हमले के तार दुबई से जुड़े हैं और अगला निशाना लखनऊ था।
20 जून 2026, 05:56 pm

