लाइव
राजनीति
राजनीति

पुतिन का विवादित कुरील द्वीप दौरा: रूस और जापान के बीच कूटनीतिक तनाव गहराया

ICN24 Newsroom 14 अग॰ 2026, 04:37 am
पुतिन का विवादित कुरील द्वीप दौरा: रूस और जापान के बीच कूटनीतिक तनाव गहराया

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने जापान द्वारा दावा किए गए विवादित कुरील द्वीप समूह का दौरा किया है, जिससे दोनों देशों के बीच दशकों पुराना क्षेत्रीय विवाद फिर से गरमा गया है।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में कुरील द्वीप समूह के 'इतुरुप' (जापान में एतोरोफु के नाम से प्रसिद्ध) द्वीप का दौरा किया है। पुतिन का यह कदम न केवल प्रतीकात्मक है, बल्कि इसने जापान के साथ रूस के कूटनीतिक संबंधों में एक नई कड़वाहट पैदा कर दी है। यह द्वीप समूह जापान के होक्काइडो द्वीप के उत्तर में स्थित है और द्वितीय विश्व युद्ध के अंत से ही रूस के नियंत्रण में है। हालांकि, जापान इन द्वीपों को अपना 'उत्तरी क्षेत्र' मानता है और इन्हें वापस पाने के लिए लंबे समय से प्रयासरत है। पुतिन का यह दौरा रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रूसी मीडिया के अनुसार, राष्ट्रपति ने द्वीप पर विकास कार्यों और सैन्य बुनियादी ढांचे का जायजा लिया। जापान सरकार ने इस यात्रा पर कड़ी आपत्ति जताई है और इसे अपनी क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपमानजनक बताया है। टोक्यो में जापानी विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि रूसी नेतृत्व का इस तरह का दौरा स्वीकार्य नहीं है और यह विवादित द्वीपों पर जापान के कानूनी दावों के विपरीत है। ऐतिहासिक रूप से, रूस और जापान के बीच इस विवाद के कारण द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से अब तक कोई औपचारिक शांति संधि (Peace Treaty) नहीं हो पाई है। शीत युद्ध के दौरान और उसके बाद भी कई दौर की वार्ताएं हुईं, लेकिन संप्रभुता के मुद्दे पर कोई सहमति नहीं बन सकी। पुतिन की इस यात्रा से यह स्पष्ट हो गया है कि मॉस्को इस क्षेत्र पर अपना नियंत्रण छोड़ने का कोई इरादा नहीं रखता है। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय और व्यापक इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए इस घटनाक्रम के बड़े मायने हैं। जापान, जो ऑस्ट्रेलिया और भारत के साथ 'क्वाड' (QUAD) गठबंधन का एक महत्वपूर्ण सदस्य है, वर्तमान में चीन और रूस दोनों की बढ़ती सैन्य गतिविधियों से चिंतित है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से जापान ने पश्चिमी देशों के साथ मिलकर रूस पर कई प्रतिबंध लगाए हैं, जिसके जवाब में रूस ने जापान को 'अमित्र देशों' की सूची में डाल दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर-पूर्वी एशिया में बढ़ता यह तनाव पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। ऑस्ट्रेलिया और भारत जैसे देश, जो एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक की वकालत करते हैं, इस क्षेत्र में किसी भी नए संघर्ष की स्थिति पर पैनी नजर रख रहे हैं। पुतिन का यह कदम यह दर्शाता है कि रूस अब पूर्व में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए तैयार है, जो आने वाले समय में जापान और उसके सहयोगियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर के सुशासन और न्यायप्रियता ने देश को किया गौरवान्वित: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
राजनीति

लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर के सुशासन और न्यायप्रियता ने देश को किया गौरवान्वित: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देवी अहिल्याबाई होल्कर को सुशासन का प्रतीक बताते हुए उनके 300वें जन्म शताब्दी वर्ष पर दी श्रद्धांजलि।

14 अग॰ 2026, 05:37 am
1857 की क्रांति: जब झांसी की रानी ने भोपाल की बेगम को दी थी कड़ी चेतावनी, नाना साहब पर इनाम से भड़की थीं लक्ष्मीबाई
राजनीति

1857 की क्रांति: जब झांसी की रानी ने भोपाल की बेगम को दी थी कड़ी चेतावनी, नाना साहब पर इनाम से भड़की थीं लक्ष्मीबाई

1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान रानी लक्ष्मीबाई ने भोपाल की तत्कालीन शासिका सिकंदर बेगम को एक चेतावनी भरा पत्र लिखा था, जिसमें अंग्रेजों की मदद करने पर कड़ा ऐतराज जताया गया था।

14 अग॰ 2026, 03:37 am
‘झारखंड का हक दिल्ली तय नहीं करेगी’, माइनिंग बिल पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का कड़ा रुख
राजनीति

‘झारखंड का हक दिल्ली तय नहीं करेगी’, माइनिंग बिल पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का कड़ा रुख

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संसद द्वारा पारित खान और खनिज संशोधन विधेयक, 2026 का कड़ा विरोध करते हुए इसे संघीय ढांचे पर हमला बताया है।

14 अग॰ 2026, 02:37 am