ब्रेकिंग न्यूज़ब्रेकिंग
AI द्वारा लिखे गए टेक्स्ट की अब होगी पहचान: एंथ्रोपिक ने पेश किया 'इनविजिबल वॉटरमार्क' फीचर
ICN24 Newsroom 14 अग॰ 2026, 01:37 am
एंथ्रोपिक ने एआई-जनरेटेड टेक्स्ट की पहचान के लिए एक नई वॉटरमार्किंग तकनीक विकसित की है, जिससे अब एआई द्वारा लिखे गए कंटेंट को छुपाना मुश्किल होगा।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रसार के बीच अब एक बड़ी तकनीकी क्रांति की सुगबुगाहट है। एआई जगत की प्रमुख कंपनी एंथ्रोपिक (Anthropic), जो अपने 'क्लाउड' (Claude) मॉडल के लिए जानी जाती है, ने घोषणा की है कि वह टेक्स्ट के लिए 'इनविजिबल वॉटरमार्किंग' तकनीक पर काम कर रही है। यह कदम डिजिटल जगत में पारदर्शिता लाने और एआई द्वारा तैयार की गई सामग्री की सत्यता की जांच करने की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है। अब तक वॉटरमार्किंग तकनीक मुख्य रूप से तस्वीरों और वीडियो तक सीमित थी, लेकिन टेक्स्ट के लिए इसे लागू करना एक बड़ी चुनौती रही है।
यह तकनीक विशेष रूप से उन चिंताओं को दूर करने के लिए लाई गई है जहाँ एआई का इस्तेमाल गलत सूचनाएं फैलाने, अकादमिक धोखाधड़ी या भ्रामक प्रचार के लिए किया जाता है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के छात्रों और पेशेवरों के लिए यह खबर काफी अहम है। ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों में एआई के उपयोग को लेकर पहले से ही सख्त दिशा-निर्देश बनाए जा रहे हैं। एंथ्रोपिक की इस नई तकनीक से अब यह पता लगाना आसान हो जाएगा कि कोई निबंध, शोध पत्र या ईमेल किसी इंसान ने लिखा है या किसी एआई टूल ने।
एंथ्रोपिक के अनुसार, यह 'इनविजिबल वॉटरमार्क' पाठकों को दिखाई नहीं देगा। यह टेक्स्ट के भीतर शब्दों के चयन और उनके क्रम (patterns) में गुप्त रूप से समाहित होगा। इसे हटाने के लिए टेक्स्ट में बड़े बदलाव करने होंगे, जो इसके मूल अर्थ को प्रभावित कर सकते हैं। यह तकनीक केवल उन लोगों के लिए सुलभ होगी जिनके पास इसका पता लगाने वाले विशेष 'डिटेक्टर' उपकरण होंगे। इसका मुख्य उद्देश्य डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना और एआई के दुरुपयोग को रोकना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में साइबर सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगी। अक्सर स्कैमर्स एआई का उपयोग करके काफी वास्तविक लगने वाले फिशिंग ईमेल और संदेश लिखते हैं। वॉटरमार्किंग के जरिए सुरक्षा एजेंसियां और तकनीकी कंपनियां इन संदेशों के स्रोत की पहचान कर सकेंगी। हालांकि, एंथ्रोपिक ने यह भी स्पष्ट किया है कि कोई भी वॉटरमार्क 100 प्रतिशत फुलप्रूफ नहीं होता, लेकिन यह धोखाधड़ी की राह में एक बड़ी बाधा जरूर खड़ा करेगा।
अंत में, एआई की दुनिया में यह नवाचार उस बड़े वैश्विक विमर्श का हिस्सा है जिसमें तकनीक के साथ नैतिकता (Ethics) को जोड़ने की बात कही जा रही है। एंथ्रोपिक जैसी कंपनियों का यह प्रयास दर्शाता है कि भविष्य में एआई का उपयोग केवल काम को आसान बनाने के लिए नहीं, बल्कि जिम्मेदारी के साथ किया जाएगा। ऑस्ट्रेलिया में कार्यरत भारतीय आईटी पेशेवर और शोधकर्ता इस बदलाव को तकनीकी शुचिता की दिशा में एक सकारात्मक कदम के रूप में देख रहे हैं।
संबंधित ख़बरें
ब्रेकिंगब्रेकिंग
मार्जिन आउटलुक में सुधार: RBC ने Advance Auto Parts का प्राइस टारगेट बढ़ाया
RBC कैपिटल मार्केट्स ने मार्जिन में संभावित सुधार और बेहतर परिचालन दक्षता को देखते हुए एडवांस ऑटो पार्ट्स के लिए अपने शेयर मूल्य लक्ष्य को संशोधित किया है।
14 अग॰ 2026, 02:37 am
ब्रेकिंगब्रेकिंग
CM धामी का बड़ा ऐलान: दून विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए चलेंगी दो इलेक्ट्रिक बसें
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून विश्वविद्यालय में 'दीक्षारम्भ' सत्र के दौरान छात्रों की सुविधा के लिए दो इलेक्ट्रिक बसों की सौगात दी और युवाओं से संवाद किया।
14 अग॰ 2026, 12:40 am
ब्रेकिंगब्रेकिंग
अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए CPT नियमों में अमेरिका की बड़ी सख्ती; भारतीय छात्रों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए 'करीकुलर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग' (CPT) के नियमों को कड़ा कर दिया है, जिससे हजारों भारतीय छात्र प्रभावित हो सकते हैं।
14 अग॰ 2026, 12:37 am

