ब्रेकिंग न्यूज़ब्रेकिंग
उत्तराखंड में बड़ा हादसा: निर्माणाधीन सुरंग में पानी और मलबा घुसने से 6 की मौत, 2 लापता
ICN24 Newsroom 13 अग॰ 2026, 11:39 pm
उत्तराखंड में एक निर्माणाधीन सुरंग में अचानक पानी और मलबा भर जाने से छह श्रमिकों की मौत हो गई है, जबकि दो अन्य अब भी लापता हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है।
उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्र में एक बार फिर बड़ी त्रासदी सामने आई है। राज्य में एक निर्माणाधीन सुरंग के भीतर अचानक पानी और मलबे के तेज बहाव के कारण कम से कम छह श्रमिकों की मौत हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, इस घटना के बाद से दो अन्य श्रमिक अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए बचाव अभियान युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। यह हादसा उस समय हुआ जब श्रमिक सुरंग के भीतर काम कर रहे थे और अचानक पास की किसी जलधारा या भूस्खलन के कारण भारी मात्रा में कीचड़ और पानी सुरंग के मुहाने से अंदर प्रवेश कर गया।
राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, सुरंग के भीतर फंसे लोगों को निकालने के लिए पंपों का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि जमा हुए पानी को बाहर निकाला जा सके। हालांकि, मलबे की मोटी परत और लगातार हो रही बारिश के कारण बचाव कार्य में काफी बाधाएं आ रही हैं। अब तक छह शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनकी शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है। लापता दो लोगों के जीवित होने की संभावना समय बीतने के साथ कम होती जा रही है, लेकिन बचाव दल अभी भी आशावान हैं।
उत्तराखंड में सुरंग निर्माण के दौरान होने वाले ये हादसे नए नहीं हैं। पिछले साल सिल्कयारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों के सफल रेस्क्यू ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा था, लेकिन ताजा घटना ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्र में चल रही बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की सुरक्षा और भू-वैज्ञानिक स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सुरंग निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों और पूर्व-चेतावनी प्रणालियों (Early Warning Systems) की कमी ऐसे हादसों का मुख्य कारण बनती है।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे प्रवासी भारतीय समुदाय, विशेष रूप से उत्तर भारतीय राज्यों से ताल्लुक रखने वाले लोगों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। सिडनी और मेलबर्न में रहने वाले कई उत्तराखंडी प्रवासियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय भारत में चल रहे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को करीब से देखता है और ऐसे हादसों से सुरक्षा मानकों को लेकर चिंताएं बढ़ जाती हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। सरकार ने मृतकों के परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा की है और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बचाव कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। फिलहाल, क्षेत्र में अन्य निर्माण कार्यों को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है ताकि सुरक्षा समीक्षा की जा सके। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि विकास की दौड़ में पर्यावरण और मानवीय सुरक्षा को नजरअंदाज करना कितना घातक हो सकता है।
संबंधित ख़बरें
ब्रेकिंगब्रेकिंग
भारतीय आईटी सेक्टर में बदल रहा है नौकरी का ट्रेंड: जानें कौन से स्किल्स दिलाएंगे अब लाखों का पैकेज
भारतीय आईटी क्षेत्र में अब व्यापक भर्ती का दौर खत्म हो रहा है। कंपनियां अब एंट्री-लेवल के बजाय अनुभवी और विशिष्ट कौशल वाले पेशेवरों को भारी वेतन पर नियुक्त करने को प्राथमिकता दे रही हैं।
13 अग॰ 2026, 11:37 pm

ब्रेकिंगब्रेकिंग
AiCyberWatch ने फरीदाबाद में लॉन्च किया एडवांस IT-OT साइबर फ्यूजन सेंटर; औद्योगिक सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती
साइबर सुरक्षा फर्म AiCyberWatch ने फरीदाबाद में एक अत्याधुनिक साइबर फ्यूजन सेंटर (CFC) की शुरुआत की है, जो IT और OT प्रणालियों की समेकित सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
13 अग॰ 2026, 10:40 pm
ब्रेकिंगब्रेकिंग
झीरम घाटी हमला मामला: 31 अगस्त को आएगा ऐतिहासिक फैसला, विशेष एनआईए कोर्ट ने सुरक्षित रखा निर्णय
झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में रायपुर की विशेष एनआईए अदालत ने तीन दिनों की अंतिम बहस के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है, जो 31 अगस्त को सुनाया जाएगा।
13 अग॰ 2026, 10:37 pm
