राजनीति
पंजाब के डीसी दफ्तरों में 9 जुलाई से 'कलम छोड़ हड़ताल', ठप रहेंगे प्रशासनिक कार्य; प्रवासी भारतीयों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
ICN24 Newsroom 6 जुल॰ 2026, 01:31 am

पंजाब में डीसी दफ्तर कर्मचारी यूनियन ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 9 जुलाई से राज्यव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है, जिससे रजिस्ट्री और प्रमाण पत्र जैसे काम प्रभावित होंगे।
पंजाब में सरकारी कामकाज की धुरी माने जाने वाले उपायुक्त (डीसी) कार्यालयों के कर्मचारियों ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। डीसी दफ्तर कर्मचारी यूनियन की मोगा में आयोजित एक महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आगामी 9 जुलाई से पूरे प्रदेश में 'कलम छोड़ हड़ताल' शुरू की जाएगी। इस बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष तेजिंदर सिंह नंगल ने की, जबकि प्रदेश सचिव नरिंदर सिंह चीमा सहित कई जिलों के प्रतिनिधि इसमें शामिल हुए।
यूनियन के नेताओं का कहना है कि सरकार उनकी जायज मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज कर रही है। प्रमुख मांगों में खाली पड़े पदों को भरना, वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति की प्रक्रिया को तेज करना और कर्मचारियों के वेतन संबंधी विसंगतियों को दूर करना शामिल है। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, कर्मचारी काम पर वापस नहीं लौटेंगे। यह हड़ताल केवल उपायुक्त कार्यालयों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका असर तहसील, उप-तहसील और एसडीएम कार्यालयों पर भी पड़ेगा।
इस हड़ताल का सबसे व्यापक प्रभाव आम जनता पर पड़ने की संभावना है। चूंकि डीसी और तहसील कार्यालयों से ही जमीन की रजिस्ट्री, विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र (जैसे जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र) और अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक स्वीकृतियां जारी की जाती हैं, इसलिए आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। विशेष रूप से कृषि कार्यों और ऋण संबंधी प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक दस्तावेजों का काम रुक जाने से किसानों की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं।
ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों में रहने वाले प्रवासी भारतीयों (NRIs) के लिए यह खबर विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले पंजाब मूल के हजारों लोग अक्सर अपनी संपत्तियों के हस्तांतरण, मुख्तारनामा (Power of Attorney) या अन्य कानूनी दस्तावेजों के लिए पंजाब के प्रशासनिक कार्यालयों पर निर्भर रहते हैं। कई एनआरआई इस समय भारत दौरे पर होते हैं और कम समय में अपने काम निपटाना चाहते हैं। हड़ताल के कारण उनकी रजिस्ट्री या अन्य कानूनी औपचारिकताएं बीच में लटक सकती हैं, जिससे उनकी वापसी की योजनाओं पर भी असर पड़ सकता है।
प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार ने समय रहते यूनियन के साथ बातचीत कर समाधान नहीं निकाला, तो राज्य में सरकारी सेवाओं का ढांचा पूरी तरह चरमरा सकता है। फिलहाल, कर्मचारी यूनियन ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है और उनका दावा है कि इस बार वे किसी भी ठोस आश्वासन के बिना अपना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे। आने वाले दिनों में पंजाब के आम नागरिकों और विदेशों में बैठे पंजाबियों की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी रहेंगी।
संबंधित ख़बरें

राजनीति
सत्य हिंदी बुलेटिन: ईरान पर ट्रंप की धमकी और पीएम मोदी की चुप्पी पर सियासी घमासान, सोनम वांगचुक का आंदोलन जारी
विपक्ष ने डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को दी गई धमकी पर प्रधानमंत्री की चुप्पी को घेरा, वहीं लद्दाख की स्वायत्तता के लिए सोनम वांगचुक का अनशन जारी है।
6 जुल॰ 2026, 02:31 am

राजनीति
वाईएसआरसीपी नेता सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार के लिए फंडिंग कर रहे हैं: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने वाईएसआरसीपी पर सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार के खिलाफ संगठित दुष्प्रचार चलाने और उसे आर्थिक सहायता देने का गंभीर आरोप लगाया है।
6 जुल॰ 2026, 12:31 am

राजनीति
तेहरान में राष्ट्रपति रईसी के अंतिम संस्कार में शामिल हुए अयातुल्ला खामेनेई के बच्चे; उत्तराधिकार को लेकर चर्चा तेज
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बच्चों की सार्वजनिक उपस्थिति ने देश के राजनीतिक भविष्य और संभावित उत्तराधिकार को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है।
5 जुल॰ 2026, 11:31 pm

