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न्यूजीलैंड के मंत्री मार्क पैटरसन का भारत दौरा: ऊन निर्यात बढ़ाने पर जोर, लेकिन FTA पर बरकरार है राजनीतिक गतिरोध

ICN24 Admin 14 जुल॰ 2026, 07:56 am
न्यूजीलैंड के मंत्री मार्क पैटरसन का भारत दौरा: ऊन निर्यात बढ़ाने पर जोर, लेकिन FTA पर बरकरार है राजनीतिक गतिरोध

न्यूजीलैंड के कृषि उप मंत्री मार्क पैटरसन भारत में ऊन व्यापार को बढ़ावा देने पहुंचे हैं, लेकिन उनकी पार्टी द्वारा मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के विरोध ने राजनीतिक बहस छेड़ दी है।

न्यूजीलैंड के कृषि उप मंत्री मार्क पैटरसन एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ नई दिल्ली पहुंचे हैं। उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत के साथ न्यूजीलैंड के ऊन व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। पैटरसन भारत के सबसे बड़े कपड़ा प्रदर्शनियों में से एक, 'भारत टेक्स 2026' (Bharat Tex 2026) में न्यूजीलैंड का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। हालांकि, उनकी यह यात्रा केवल व्यापारिक कारणों से ही नहीं, बल्कि न्यूजीलैंड की घरेलू राजनीति में उपजे विरोधाभासों के कारण भी चर्चा का विषय बनी हुई है। न्यूजीलैंड फर्स्ट (NZ First) पार्टी से ताल्लुक रखने वाले मार्क पैटरसन एक ऐसे समय में भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं, जब उनकी अपनी पार्टी भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का कड़ा विरोध कर रही है। पैटरसन का लक्ष्य न्यूजीलैंड के 'स्ट्रॉन्ग वूल' (Strong Wool) क्षेत्र के लिए भारतीय बाजार में व्यापक अवसर तलाशना है। उल्लेखनीय है कि भारत वर्तमान में न्यूजीलैंड के ऊन निर्यात के लिए दूसरा सबसे बड़ा गंतव्य है। जून 2025 को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष में भारत को होने वाले ऊन निर्यात का मूल्य लगभग 7.6 करोड़ न्यूजीलैंड डॉलर (NZ$76 million) रहने का अनुमान है। इस दौरे ने न्यूजीलैंड की गठबंधन सरकार के भीतर चल रही खींचतान को भी उजागर कर दिया है। सरकार में शामिल एक्ट पार्टी (ACT Party) की सांसद परमजीत परमार ने पैटरसन और उनकी पार्टी के रुख पर सवाल उठाए हैं। परमार का कहना है कि एक तरफ भारत के साथ व्यापार को बढ़ावा देने की बात करना और दूसरी तरफ मुक्त व्यापार समझौते का विरोध करना विरोधाभासी है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि न्यूजीलैंड वास्तव में अपने किसानों और व्यवसायों के लिए बड़े अवसर पैदा करना चाहता है, तो उसे भारत के साथ एक मजबूत और औपचारिक व्यापार समझौते की दिशा में कदम बढ़ाने होंगे। न्यूजीलैंड का ऊन उद्योग पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में भारत जैसे तेजी से बढ़ते बाजार में अपनी पैठ बनाना कीवी किसानों के लिए संजीवनी साबित हो सकता है। भारत में मध्यम वर्ग की बढ़ती आबादी और टेक्सटाइल निर्माण क्षेत्र में हो रहा विस्तार न्यूजीलैंड के लिए एक बड़ा अवसर पेश करता है। 'भारत टेक्स' जैसे मंचों के माध्यम से न्यूजीलैंड की सरकार भारतीय उद्योगपतियों को यह समझाने की कोशिश कर रही है कि उनका ऊन न केवल टिकाऊ है, बल्कि वैश्विक मानकों पर भी खरा उतरता है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापारिक संबंधों की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन राजनीतिक असहमति इन संभावनाओं के आड़े आ रही है। जहां पैटरसन की यात्रा एक सकारात्मक कदम है, वहीं एफटीए पर न्यूजीलैंड फर्स्ट की आपत्तियां भविष्य की रणनीतियों पर सवालिया निशान लगाती हैं। फिलहाल, सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या पैटरसन का यह दौरा भारत के साथ केवल एक व्यापारिक संपर्क बनकर रह जाएगा या यह भविष्य में किसी बड़े आर्थिक समझौते की आधारशिला रखेगा।
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