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पर्थ में टैक्सी किराये में धोखाधड़ी का खुलासा: अंतरराष्ट्रीय छात्र वीजा धारकों पर लगे गंभीर आरोप
ICN24 Admin 12 जुल॰ 2026, 03:38 am

पर्थ में टैक्सी सेवाओं में धांधली और यात्रियों से अवैध रूप से अधिक किराया वसूलने के मामले सामने आए हैं, जिनमें कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय छात्र शामिल हैं।
पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया की राजधानी पर्थ में टैक्सी उद्योग से जुड़ी एक गंभीर जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, शहर में चल रहे टैक्सी किराये के घोटालों में कुछ अंतरराष्ट्रीय छात्र वीजा धारकों की संलिप्तता के आरोप लगे हैं। इन आरोपों ने न केवल यात्रियों की सुरक्षा और उनके हितों पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि परिवहन नियमों के उल्लंघन को लेकर भी चिंताएं बढ़ा दी हैं।
जांच में यह बात सामने आई है कि कुछ ड्राइवर जानबूझकर यात्रियों को धोखा दे रहे हैं। यात्रियों से अधिक किराया वसूलने के लिए ये ड्राइवर अक्सर यह बहाना बनाते हैं कि उनकी भुगतान मशीन या टैक्सी मीटर काम नहीं कर रहा है। इसके बाद, वे यात्रियों से 'ऑफ-मीटर' यानी बिना मीटर के मनमाना किराया मांगते हैं। इतना ही नहीं, कुछ ड्राइवरों पर मीटर में गलत सेटिंग का उपयोग करने का भी आरोप है, जिससे यात्रा की कुल लागत वास्तविक किराये से काफी अधिक हो जाती है। यह धोखाधड़ी विशेष रूप से उन यात्रियों के साथ की जा रही है जो शहर के रास्तों से अनजान हैं या जो देर रात यात्रा कर रहे हैं।
इस मामले का एक और चिंताजनक पहलू निजी मैसेजिंग ग्रुप्स का उपयोग है। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी ड्राइवर व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे प्लेटफार्मों पर निजी ग्रुप बनाकर 'कैश जॉब्स' का लेन-देन करते हैं। इन ग्रुप्स का इस्तेमाल न केवल बुकिंग सिस्टम से बाहर जाकर काम करने के लिए किया जा रहा है, बल्कि इनके जरिए प्रवर्तन अधिकारियों (compliance officers) की लोकेशन और जांच चौकियों की जानकारी भी साझा की जाती है ताकि पकड़े जाने से बचा जा सके। यह नेटवर्क आधिकारिक बुकिंग प्रणालियों को दरकिनार कर एक समानांतर और अवैध अर्थव्यवस्था चला रहा है।
स्थानीय टैक्सी ऑपरेटरों ने इस स्थिति पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि इन अनैतिक प्रथाओं के कारण ईमानदार ड्राइवरों का गुजारा मुश्किल हो गया है। जो ड्राइवर नियमों का पालन करते हैं, मीटर से चलते हैं और सही टैक्स भरते हैं, वे इन अवैध गतिविधियों के कारण प्रतिस्पर्धा में पिछड़ रहे हैं। इससे न केवल उनकी आय प्रभावित हो रही है, बल्कि पर्थ के टैक्सी उद्योग की साख भी गिर रही है। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने सरकार से मांग की है कि नियमों को सख्त किया जाए और फील्ड में अधिक निगरानी रखी जाए।
इस पूरे प्रकरण में अंतरराष्ट्रीय छात्रों की भूमिका को लेकर भी कानूनी पेच हैं। ऑस्ट्रेलिया में छात्र वीजा पर आए व्यक्तियों के लिए काम करने के घंटों की एक निश्चित सीमा निर्धारित होती है। यदि कोई छात्र इन अवैध गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है या अपनी कार्य सीमा से अधिक काम करता है, तो यह उनके वीजा की शर्तों का उल्लंघन माना जाएगा। परिवहन विभाग और गृह विभाग (Department of Home Affairs) अब इन आरोपों की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या वीजा नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जुर्माना और वीजा रद्द होना भी शामिल हो सकता है।
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