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उत्तर प्रदेश के स्कूल सुधार मॉडल का अध्ययन करेगा बिहार, शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी
ICN24 Newsroom 14 जुल॰ 2026, 12:31 am

बिहार शिक्षा विभाग की एक उच्च स्तरीय टीम उत्तर प्रदेश के 'कंपोजिट स्कूल' और 'कैच-अप लर्निंग' मॉडल का अध्ययन कर रही है ताकि राज्य में एनईपी 2020 को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
बिहार सरकार अपने स्कूली शिक्षा ढांचे में क्रांतिकारी सुधार लाने के लिए पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के सफल शैक्षिक मॉडलों का सहारा ले रही है। राज्य के शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम हाल ही में उत्तर प्रदेश के दौरे पर थी, जहाँ उन्होंने 'कंपोजिट स्कूल' और 'कैच-अप लर्निंग' पहलों का बारीकी से अध्ययन किया। इस कदम का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के लक्ष्यों को प्राप्त करना और छात्रों के सीखने के परिणामों (Learning Outcomes) में सुधार करना है।
उत्तर प्रदेश के 'कंपोजिट स्कूल' मॉडल के तहत, एक ही परिसर में चलने वाले प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों को प्रशासनिक रूप से एक इकाई में विलय कर दिया गया है। इससे न केवल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हुआ है, बल्कि शिक्षकों की कमी की समस्या को भी कुछ हद तक नियंत्रित किया गया है। बिहार शिक्षा विभाग इस मॉडल को अपने यहाँ लागू करने की संभावनाएँ तलाश रहा है ताकि स्कूलों के प्रबंधन को अधिक कुशल बनाया जा सके।
सीखने की क्षमता में सुधार के लिए उत्तर प्रदेश में लागू 'कैच-अप लर्निंग' प्रोग्राम ने भी बिहार के अधिकारियों का ध्यान खींचा है। यह कार्यक्रम उन छात्रों के लिए तैयार किया गया है जो अपनी कक्षा के स्तर के अनुसार बुनियादी ज्ञान में पीछे रह गए हैं। विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के दौरान हुए लर्निंग लॉस को कम करने के लिए यह मॉडल काफी प्रभावी साबित हुआ है। बिहार में भी बड़ी संख्या में ऐसे छात्र हैं जिन्हें अपनी कक्षा के स्तर पर आने के लिए अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता है।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय, विशेष रूप से वे जो बिहार और उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं, इस विकास को बड़े चाव से देख रहे हैं। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में बसे प्रवासी भारतीयों का मानना है कि राज्यों के बीच इस तरह का सहयोग भारत की शिक्षा व्यवस्था को वैश्विक मानकों के करीब ला सकता है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले बिहार मूल के शिक्षाविदों का कहना है कि यदि बिहार में बुनियादी ढांचे और शिक्षण गुणवत्ता में सुधार होता है, तो इससे राज्य के मानव संसाधन में भारी वृद्धि होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, बिहार के लिए सबसे बड़ी चुनौती नीति का कार्यान्वयन है। उत्तर प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में 'ऑपरेशन कायाकल्प' के माध्यम से स्कूलों के भौतिक ढांचे में भी बदलाव किया है। बिहार अब इन अनुभवों से सीखकर अपने बजट और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार एक नया खाका तैयार करने की योजना बना रहा है। आने वाले महीनों में, बिहार सरकार कुछ जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इन मॉडलों को लागू कर सकती है, जिसके परिणामों के आधार पर इसे पूरे राज्य में विस्तारित किया जाएगा।
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