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पीएम मोदी का मेलबर्न दौरा: 'लिटिल इंडिया' और छात्र वीजा पर चर्चा के बीच प्रवासन पर छिड़ी बहस
ICN24 Admin 8 जुल॰ 2026, 10:54 am

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को ऑस्ट्रेलिया-भारत वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए मेलबर्न पहुंचेंगे, जहां वे छात्र वीजा और लिटिल इंडिया प्रोजेक्ट पर चर्चा करेंगे।
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को मेलबर्न पहुंच रहे हैं, जहां वे ऑस्ट्रेलिया-भारत वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से हो रही इस यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण रणनीतिक और सामुदायिक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी मेलबर्न में प्रस्तावित 'लिटिल इंडिया' जिले का दौरा भी कर सकते हैं, जो ऑस्ट्रेलिया में भारतीय प्रवासियों के बढ़ते प्रभाव और सांस्कृतिक योगदान का प्रतीक माना जा रहा है।
इस यात्रा का एक प्रमुख एजेंडा छात्र वीजा प्रक्रिया में तेजी लाना और वर्तमान बाधाओं को दूर करना है। पिछले कुछ महीनों में, ऑस्ट्रेलिया ने अपनी आप्रवासन नीतियों में कड़ाई बरती है, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय छात्रों के वीजा आवेदनों में अस्वीकृति दर बढ़ी है और नई आवेदन सीमाएं लागू की गई हैं। प्रधानमंत्री मोदी ऑस्ट्रेलियाई नेतृत्व के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे ताकि योग्य भारतीय छात्रों के लिए शिक्षा और करियर के रास्ते सुगम बने रहें। जानकारों का मानना है कि दोनों देशों के बीच गतिशीलता और प्रवासन साझेदारी (MMPA) को मजबूत करना इस बैठक का मुख्य बिंदु होगा।
हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा को लेकर ऑस्ट्रेलिया के भीतर कुछ विरोध के स्वर भी उठ रहे हैं। दक्षिणपंथी कार्यकर्ता ह्यूगो लेनन ने मोदी की यात्रा के विरोध में एक प्रदर्शन की घोषणा की है। लेनन का तर्क है कि ऑस्ट्रेलिया को अपने घरेलू हितों, विशेष रूप से आवास संकट और जनसंख्या वृद्धि को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने 'लिटिल इंडिया' जैसे सांस्कृतिक प्रोजेक्ट्स और भारत से बढ़ते प्रवासन की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार को अपनी सीमाओं और जनसांख्यिकीय संतुलन पर अधिक ध्यान देना चाहिए। लेनन के समर्थकों का मानना है कि अत्यधिक प्रवासन से बुनियादी ढांचे पर दबाव बढ़ रहा है।
दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलियाई व्यापार जगत और भारतीय समुदाय इस दौरे को लेकर उत्साहित हैं। ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच आर्थिक सहयोग पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है, और यह शिखर सम्मेलन रक्षा, प्रौद्योगिकी और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में नए समझौतों का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। मेलबर्न का भारतीय समुदाय, जो ऑस्ट्रेलिया में सबसे बड़ा है, प्रधानमंत्री के स्वागत की तैयारियों में जुटा है।
अंततः, यह यात्रा एक ओर जहां भारत और ऑस्ट्रेलिया के कूटनीतिक रिश्तों को प्रगाढ़ करेगी, वहीं दूसरी ओर यह ऑस्ट्रेलिया की आंतरिक आप्रवासन नीति और जनसंख्या प्रबंधन पर चल रही बहस को भी हवा देगी। सरकार के लिए चुनौती यह होगी कि वह भारत के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को संतुलित रखते हुए घरेलू चिंताओं का भी समाधान करे। आगामी कुछ दिनों में होने वाली चर्चाएं न केवल छात्रों के भविष्य बल्कि दोनों देशों के आर्थिक रोडमैप को भी दिशा देंगी।
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