राजनीति
विप्रो की पूर्व कर्मचारी का छंटनी पर भावुक वीडियो वायरल: 'शायद यह भगवान का संकेत है'
ICN24 Newsroom 2 जुल॰ 2026, 07:31 pm
विप्रो में 5 साल काम करने के बाद दिल्ली की एक महिला की छंटनी हुई। उनका सकारात्मक और भावुक संदेश अब वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र की दिग्गज कंपनी विप्रो (Wipro) की एक पूर्व कर्मचारी द्वारा साझा किया गया एक भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। दिल्ली की रहने वाली रितिका मल ने पांच साल तक कंपनी में सेवा देने के बाद अपनी छंटनी (layoff) के अनुभव को साझा किया, जिसे उन्होंने "भगवान का संकेत" करार दिया। उनके इस वीडियो ने न केवल भारत में बल्कि विदेशों में बसे भारतीय पेशेवरों के बीच भी एक नई बहस छेड़ दी है।
रितिका ने अपने वीडियो में विस्तार से बताया कि कैसे एक सफल करियर के बाद अचानक मिली इस खबर ने उन्हें झकझोर दिया। उन्होंने कहा कि पांच साल तक एक ही संस्थान के साथ जुड़े रहने के बाद 'शून्य' से शुरुआत करना एक डरावना अनुभव हो सकता है। हालांकि, उन्होंने इस स्थिति को नकारात्मक रूप से देखने के बजाय इसे एक आध्यात्मिक मोड़ देने का प्रयास किया। उनके शब्दों में, "शायद भगवान चाहते हैं कि मैं कुछ और बड़ा करूं। यह मेरे लिए एक नई शुरुआत है।"
यह वीडियो ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर तकनीकी कंपनियां बड़े पैमाने पर छंटनी कर रही हैं। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए भी यह खबर काफी मायने रखती है। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में काम कर रहे कई भारतीय आईटी पेशेवर वर्तमान में वैश्विक आर्थिक मंदी और नौकरियों की अनिश्चितता को लेकर चिंतित हैं। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे प्रवासियों के लिए नौकरी का जाना केवल वित्तीय संकट नहीं, बल्कि उनके वीजा स्टेटस और वहां रहने के अधिकार पर भी सीधा प्रहार होता है। ऐसे में रितिका का यह संदेश कि 'विपत्ति को अवसर में बदलें', प्रवासी भारतीयों को काफी प्रेरित कर रहा है।
सोशल मीडिया पर इस पोस्ट के वायरल होने के बाद कॉर्पोरेट संस्कृति के 'मानवीय पहलू' पर भी सवाल उठ रहे हैं। कई विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनियां छंटनी को केवल एक वित्तीय गणना (Fiscal Adjustment) मानती हैं, लेकिन एक कर्मचारी के लिए यह उसकी मेहनत, समय और आत्मसम्मान से जुड़ा मुद्दा होता है। रितिका के वीडियो पर हजारों कमेंट्स आए हैं, जिनमें लोगों ने अपनी-अपनी छंटनी की कहानियां साझा की हैं और उनके साहस की सराहना की है।
विप्रो और अन्य भारतीय आईटी कंपनियों द्वारा हाल के महीनों में किए गए पुनर्गठन ने मध्यम और वरिष्ठ स्तर के कर्मचारियों के बीच असुरक्षा की भावना पैदा की है। रितिका ने अपने संदेश के अंत में उन लोगों को भी सांत्वना दी जो इसी तरह की परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि करियर में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन इंसान को अपनी काबिलियत पर कभी संदेह नहीं करना चाहिए। ICN24 की टीम के अनुसार, यह घटना दर्शाती है कि आधुनिक युग के कर्मचारी अब अपनी असफलताओं को छिपाने के बजाय उन्हें खुलकर साझा कर रहे हैं, जो मानसिक स्वास्थ्य और पेशेवर पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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