लाइव
राजनीति
राजनीति

क्या ईरान की अगली चाल सामने है? गालिबाफ की हिजबुल्लाह से मुलाकात ने दी वाशिंगटन को बड़ी चेतावनी

ICN24 Newsroom 7 जुल॰ 2026, 09:31 am
क्या ईरान की अगली चाल सामने है? गालिबाफ की हिजबुल्लाह से मुलाकात ने दी वाशिंगटन को बड़ी चेतावनी

ईरानी संसद अध्यक्ष गालिबाफ और हिजबुल्लाह की बैठक ने पश्चिमी देशों के लिए नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। यह मुलाकात कूटनीति और सैन्य तैयारी के बीच ईरान की दोहरी नीति को दर्शाती है।

ईरानी संसद के अध्यक्ष और प्रमुख वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने हाल ही में तेहरान में हिजबुल्लाह के शीर्ष नेतृत्व के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की है। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब मध्य पूर्व में तनाव अपने चरम पर है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें ईरान की अगली संभावित चाल पर टिकी हैं। दिवंगत सर्वोच्च नेता के शोक कार्यक्रम के इतर हुई इस बैठक में गालिबाफ ने स्पष्ट किया कि ईरान न केवल कूटनीतिक संवाद के लिए तैयार है, बल्कि अपनी सैन्य तैयारियों को भी किसी भी स्थिति के लिए मजबूत रख रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि गालिबाफ का यह कदम अमेरिका के आगामी नेतृत्व, विशेष रूप से डोनाल्ड ट्रंप की संभावित वापसी को देखते हुए एक सोची-समझी चेतावनी है। ईरान ने संदेश दिया है कि वह क्षेत्रीय 'प्रतिरोध के धुरी' (Axis of Resistance) के साथ अपने संबंधों को और गहरा कर रहा है। हिजबुल्लाह के साथ यह तालमेल न केवल लेबनान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष को प्रभावित कर सकता है, बल्कि यह गाजा में चल रहे युद्धविराम प्रयासों में भी ईरान की भूमिका को रेखांकित करता है। इस कूटनीतिक घटनाक्रम का असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए भी यह चिंता का विषय है। मध्य पूर्व में अस्थिरता का सीधा असर वैश्विक तेल कीमतों पर पड़ता है, जिससे ऑस्ट्रेलिया में ईंधन की दरें और जीवन यापन की लागत प्रभावित हो सकती है। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय, जो भारत और खाड़ी देशों के बीच मजबूत व्यापारिक और मानवीय संबंधों से जुड़ा है, इस क्षेत्र में किसी भी बड़े संघर्ष को लेकर आशंकित रहता है। गालिबाफ ने अपनी बातचीत में जोर दिया कि ईरान 'मैदान और कूटनीति' (Field and Diplomacy) के बीच संतुलन बनाए रखेगा। इसका अर्थ यह है कि ईरान एक तरफ अमेरिका के साथ पर्दे के पीछे बातचीत जारी रख सकता है, वहीं दूसरी तरफ वह अपने क्षेत्रीय सहयोगियों के जरिए सैन्य दबाव भी बनाए रखेगा। यह रणनीति वाशिंगटन के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करती है, जो वर्तमान में क्षेत्र में तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है। आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या अमेरिका इस चेतावनी को गंभीरता से लेता है। यदि ईरान और उसके सहयोगियों के बीच यह समन्वय और अधिक आक्रामक होता है, तो इससे न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ेगी, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई प्रवासियों के लिए, यह कूटनीतिक शतरंज की चाल अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनके गृह राष्ट्र और निवास राष्ट्र दोनों की विदेश नीतियों को प्रभावित करने वाली साबित हो सकती है।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

लॉकडाउन की अफवाहों पर केंद्र का बड़ा बयान: “देश में लॉकडाउन नहीं लगेगा”, अफवाहों से बचने की सलाह
राजनीति

लॉकडाउन की अफवाहों पर केंद्र का बड़ा बयान: “देश में लॉकडाउन नहीं लगेगा”, अफवाहों से बचने की सलाह

भारत सरकार ने देश में फिर से लॉकडाउन लगाने की खबरों को पूरी तरह निराधार बताया है। सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों के बीच केंद्र ने स्थिति स्पष्ट की है।

7 जुल॰ 2026, 10:32 am
चंदौली: मां काली के विग्रह का जलाधिवास और फलाधिवास संपन्न, भक्तिमय वातावरण में गूंजे वैदिक मंत्र
राजनीति

चंदौली: मां काली के विग्रह का जलाधिवास और फलाधिवास संपन्न, भक्तिमय वातावरण में गूंजे वैदिक मंत्र

उत्तर प्रदेश के चंदौली में मां काली मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के दौरान जलाधिवास और फलाधिवास के अनुष्ठान सफलतापूर्वक संपन्न हुए, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

7 जुल॰ 2026, 08:31 am
राज्यपाल ने सीमावर्ती क्षेत्रों में अत्यधिक सतर्कता और कड़ी निगरानी का आह्वान किया
राजनीति

राज्यपाल ने सीमावर्ती क्षेत्रों में अत्यधिक सतर्कता और कड़ी निगरानी का आह्वान किया

अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल केटी परनाइक ने संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सेना को मुस्तैद रहने का निर्देश दिया है।

7 जुल॰ 2026, 07:31 am