राजनीति
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का बड़ा बयान: मध्य प्रदेश का 'SIR' मॉडल है देश का सबसे पारदर्शी तंत्र
ICN24 Newsroom 5 जुल॰ 2026, 06:31 pm

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इंदौर में बीएलओ से संवाद करते हुए मध्य प्रदेश के निर्वाचन मॉडल की सराहना की और इसे पारदर्शिता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार शनिवार को मध्य प्रदेश के इंदौर पहुंचे, जहां उन्होंने राज्य की निर्वाचन प्रक्रिया और प्रशासनिक मुस्तैदी की जमकर सराहना की। इंदौर में आयोजित एक विशेष संवाद सत्र के दौरान उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से सीधा संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि मध्य प्रदेश का 'SIR' (Systematic and Institutionalized Registration) मॉडल देश में सबसे पारदर्शी है और यह अन्य राज्यों के लिए एक बेंचमार्क के रूप में उभर रहा है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की सफलता की आधारशिला जमीनी स्तर के कार्यकर्ता, यानी बीएलओ होते हैं। उन्होंने इंदौर और पूरे मध्य प्रदेश में मतदाता सूचियों के शुद्धिकरण और नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए अपनाए गए आधुनिक तरीकों की प्रशंसा की। ज्ञानेश कुमार के अनुसार, मध्य प्रदेश ने तकनीक और व्यक्तिगत सत्यापन के बीच जो संतुलन बनाया है, उसने न केवल फर्जीवाड़े की गुंजाइश खत्म की है, बल्कि हर पात्र नागरिक को मताधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
संवाद के दौरान ज्ञानेश कुमार ने बीएलओ की चुनौतियों को सुना और उनके द्वारा किए जा रहे कठिन परिश्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का मुख्य लक्ष्य 'कोई भी मतदाता न छूटे' (No voter to be left behind) के संकल्प को सिद्ध करना है। मध्य प्रदेश का 'SIR' मॉडल इसी दिशा में एक प्रभावी कदम है, जिसमें पंजीकरण की प्रक्रिया को पूरी तरह से व्यवस्थित और संस्थागत रूप दिया गया है। यह मॉडल यह सुनिश्चित करता है कि मतदाता सूची में हर प्रविष्टि सटीक हो और उसे बार-बार मानवीय त्रुटियों से बचाया जा सके।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए यह खबर विशेष महत्व रखती है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और वहां की निर्वाचन प्रणाली की पारदर्शिता न केवल देश के भीतर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय रहती है। प्रवासी भारतीय (NRIs) और ओसीआई (OCI) कार्ड धारक अक्सर भारतीय चुनाव प्रणाली और मतदान की निष्पक्षता को लेकर उत्सुक रहते हैं। मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्य में इस तरह के पारदर्शी मॉडल का सफल क्रियान्वयन भारतीय लोकतंत्र की मजबूती का प्रमाण है, जिससे विदेशों में बसे भारतीयों का अपने देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं पर विश्वास और गहरा होता है।
इंदौर आगमन पर प्रशासनिक अधिकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त का भव्य स्वागत किया। इस दौरे का उद्देश्य आगामी चुनावों और मतदाता सूची के निरंतर अद्यतनीकरण की तैयारियों का जायजा लेना था। ज्ञानेश कुमार ने यह भी संकेत दिया कि मध्य प्रदेश की इन सर्वोत्तम प्रथाओं (Best Practices) को देश के अन्य हिस्सों में भी लागू करने पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने अंत में सभी अधिकारियों को निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने के लिए अपना समर्पण बनाए रखने का निर्देश दिया।
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