राजनीति
भारत सरकार ने 16 फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन (FDC) दवाओं पर लगाया प्रतिबंध, स्किन क्रीम और कॉस्मेटिक उत्पाद भी शामिल
ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 02:41 pm
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 16 दवाओं के मिश्रण (FDC) पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है, क्योंकि इनसे इलाज में फायदे से ज्यादा स्वास्थ्य संबंधी जोखिम पाए गए हैं।
भारत सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए देश में 16 फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन (FDC) दवाओं के निर्माण, बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, इन दवाओं का सेवन मरीजों के लिए फायदे से ज्यादा नुकसानदेह साबित हो रहा था। इस सूची में कई ऐसी दवाएं शामिल हैं जिनका उपयोग त्वचा संबंधी रोगों (स्किन केयर) और कॉस्मेटिक उत्पादों के रूप में व्यापक स्तर पर किया जा रहा था।
फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन (FDC) उन दवाओं को कहा जाता है जिनमें दो या दो से अधिक सक्रिय औषधीय तत्व (Active Pharmaceutical Ingredients) एक निश्चित अनुपात में मिलाए जाते हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इन 16 विशिष्ट मिश्रणों के लिए कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण या चिकित्सीय औचित्य नहीं पाया गया। ड्रग्स तकनीकी सलाहकार बोर्ड (DTAB) द्वारा गठित एक विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के बाद यह कड़ा कदम उठाया गया है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इन दवाओं में शामिल रसायनों का मेल मरीजों की सेहत के लिए जोखिम भरा है और इनका बाजार में बने रहना जनहित में नहीं है।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए यह खबर विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। अक्सर भारत यात्रा के दौरान या भारत से आने वाले रिश्तेदारों के माध्यम से प्रवासी भारतीय 'ओवर-द-काउंटर' मिलने वाली स्किन क्रीम और दर्द निवारक दवाएं साथ ले आते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतिबंधित की गई दवाओं में कई ऐसी क्रीम शामिल हैं जिन्हें लोग बिना डॉक्टर की सलाह के गोरा होने या संक्रमण रोकने के लिए इस्तेमाल करते थे। अब इन दवाओं का स्टॉक रखना या इनका उपयोग करना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी अधिसूचना में कहा कि यह प्रतिबंध ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 26A के तहत लगाया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं दवाओं को बाजार में रहने की अनुमति दी जाएगी जो वैज्ञानिक रूप से प्रभावी और सुरक्षित साबित हुई हैं। औषधि महानियंत्रक (DCGI) को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी राज्यों के ड्रग कंट्रोलरों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करें कि ये दवाएं दुकानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से तुरंत हटा ली जाएं।
यह पहली बार नहीं है जब भारत सरकार ने FDC दवाओं पर गाज गिराई है। इससे पहले भी सैकड़ों ऐसी दवाओं पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है जिन्हें 'इरेशनल' या तर्कहीन कॉम्बिनेशन माना गया था। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे दवाओं के दुरुपयोग पर लगाम लगेगी और फार्मास्युटिकल कंपनियां केवल प्रमाणित दवाओं के उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करेंगी।
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