राजनीति
LAC के पास चीन के जे-20 स्टील्थ फाइटर जेट्स की बढ़ती तैनाती ने बढ़ाई भारत की चिंता
ICN24 Newsroom 14 जून 2026, 12:31 am
वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास चीन द्वारा पांचवीं पीढ़ी के जे-20 लड़ाकू विमानों की तैनाती बढ़ाने से भारत के लिए सुरक्षा चुनौतियां बढ़ गई हैं।
चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयरफोर्स (PLAAF) द्वारा वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के निकट अपने अत्याधुनिक चेंगदू जे-20 'माइटी ड्रैगन' स्टील्थ लड़ाकू विमानों की तैनाती में की गई हालिया वृद्धि ने भारतीय रक्षा हलकों में चिंता पैदा कर दी है। पहले केवल चुनिंदा इकाइयों तक सीमित रहने वाला यह पांचवीं पीढ़ी का विमान अब तिब्बत और शिनजियांग सैन्य क्षेत्रों के हवाई अड्डों पर नियमित रूप से देखा जा रहा है। यह बदलाव बीजिंग की उस रणनीति को दर्शाता है जिसमें वह हिमालयी सीमा पर अपनी वायु शक्ति को और अधिक आक्रामक रूप से स्थापित करना चाहता है।
जे-20 चीन का सबसे उन्नत लड़ाकू विमान है, जिसे विशेष रूप से रडार की नजरों से बचने और लंबी दूरी तक मार करने के लिए डिजाइन किया गया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि एलएसी के पास इनकी बढ़ती संख्या भारत के राफेल और सुखोई-30 एमकेआई जैसे चौथी पीढ़ी के उन्नत विमानों के लिए एक कड़ी चुनौती पेश करती है। हालांकि राफेल उत्कृष्ट युद्धक क्षमता रखता है, लेकिन स्टील्थ तकनीक के मामले में जे-20 को बढ़त हासिल है, जो इसे दुश्मन के रडार पर पकड़े बिना हमला करने में सक्षम बनाती है।
भारतीय वायु सेना (IAF) इस खतरे को भांपते हुए अपनी रक्षा प्रणालियों को मजबूत कर रही है। भारत ने सीमा पर एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणालियों की तैनाती की है, जो लंबी दूरी से ही दुश्मन के विमानों को ट्रैक करने में सक्षम हैं। इसके अलावा, भारत अपने स्वदेशी 'प्रोजेक्ट कुशा' और पांचवीं पीढ़ी के एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) पर भी काम कर रहा है, ताकि चीन की तकनीकी बढ़त का मुकाबला किया जा सके।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह घटनाक्रम भू-राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। क्वाड (QUAD) देशों के सदस्य के रूप में, ऑस्ट्रेलिया और भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों पर गहरी नजर रख रहे हैं। कैनबरा में रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि हिमालय में चीन की वायु शक्ति का विस्तार केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र में शक्ति संतुलन को प्रभावित करने की एक बड़ी योजना का हिस्सा है। ऑस्ट्रेलिया भी अपनी वायु सेना को एफ-35 जैसे स्टील्थ विमानों से लैस कर रहा है, जो चीन के जे-20 के समकक्ष माने जाते हैं।
चीन द्वारा सीमा पर बुनियादी ढांचे का निरंतर विकास, जिसमें नए रनवे और विमानों के लिए मजबूत आश्रयों (Hardened Shelters) का निर्माण शामिल है, यह संकेत देता है कि जे-20 की यह तैनाती अस्थायी नहीं है। भारत के लिए अब चुनौती न केवल तकनीकी श्रेष्ठता बनाए रखने की है, बल्कि सीमा पर निरंतर निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को और अधिक आधुनिक बनाने की भी है। आने वाले समय में, यह सैन्य प्रतिस्पर्धा दक्षिण एशिया के साथ-साथ हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा नीति को भी निर्धारित करेगी।
संबंधित ख़बरें
राजनीति
भारत ने पाक राष्ट्रपति जरदारी के बयान को बताया ‘भड़काऊ’, कहा- हमारे आंतरिक मामलों में दखल न दे पाकिस्तान
भारत ने पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी द्वारा वाराणसी की मस्जिद को लेकर दिए गए बयान की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने इसे नफरत फैलाने वाला और आंतरिक मामलों में दखल बताया है।
20 जून 2026, 07:11 pm
राजनीति
RSS दफ्तरों पर हमले की बड़ी साजिश का खुलासा: दुबई से मिले थे निर्देश, रांची के बाद लखनऊ था अगला निशाना
रांची में आरएसएस कार्यालय पर हुए हमले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, इस हमले के तार दुबई से जुड़े हैं और अगला निशाना लखनऊ था।
20 जून 2026, 05:56 pm

राजनीति
अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच युद्ध विराम: हज़ारों की मौत, लेकिन क्या आधिकारिक आंकड़े सच हैं?
ईरान और अमेरिका-इसराइल के बीच संघर्ष को समाप्त करने के लिए समझौता हुआ है। आधिकारिक आंकड़ों में हजारों मौतों का दावा है, लेकिन इनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।
20 जून 2026, 05:10 pm
