राजनीति
वेस्ट बैंक में 'हिरासत' का मामला: भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना और इजरायल के बीच विवाद गहराया
ICN24 Newsroom 14 जुल॰ 2026, 08:31 am
इजरायली राजदूत ने भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना के उन दावों को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने वेस्ट बैंक में बंदूक की नोक पर हिरासत में लिए जाने की बात कही थी।
वाशिंगटन और यरूशलेम के बीच कूटनीतिक तनाव उस समय चर्चा में आ गया जब प्रमुख भारतवंशी अमेरिकी सांसद रो खन्ना और इजरायली अधिकारियों के बीच वेस्ट बैंक की एक घटना को लेकर विरोधाभासी बयान सामने आए। कैलिफोर्निया से डेमोक्रेटिक प्रतिनिधि रो खन्ना ने आरोप लगाया था कि पिछले सप्ताह वेस्ट बैंक के दौरे के दौरान उन्हें इजरायली सुरक्षा बलों द्वारा 'बंदूक की नोक पर' रोका और हिरासत में लिया गया था। हालांकि, इजरायली सरकार ने इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
इजरायली राजदूत माइकल हर्जोग ने इस मामले पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि सांसद खन्ना ने अपने इस संवेदनशील दौरे के बारे में इजरायली सरकार या सुरक्षा एजेंसियों के साथ कोई समन्वय (coordination) नहीं किया था। राजदूत ने उन दावों को भी गलत बताया जिनमें खन्ना ने कहा था कि उन्हें डराने-धमकाने के लिए हथियारों का इस्तेमाल किया गया। इजरायली पक्ष का तर्क है कि सुरक्षा जांच एक मानक प्रक्रिया थी और इसमें किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार नहीं हुआ, विशेष रूप से वह नहीं जो सांसद द्वारा वर्णित किया गया है।
रो खन्ना, जो अमेरिकी कांग्रेस में भारत और भारतीय-अमेरिकियों पर बने कॉकस के एक प्रभावशाली सदस्य हैं, वैश्विक राजनीति में एक जाना-पहचाना नाम हैं। उनकी इस टिप्पणी ने न केवल अमेरिका में, बल्कि ऑस्ट्रेलिया सहित दुनिया भर के भारतीय प्रवासियों के बीच भी हलचल पैदा कर दी है। सिडनी और मेलबर्न में रहने वाले भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए, खन्ना जैसे नेताओं का रुख महत्वपूर्ण होता है क्योंकि वे अक्सर मानवाधिकारों और अंतरराष्ट्रीय कानून पर मुखर रहते हैं।
इस घटना ने वेस्ट बैंक में सुरक्षा प्रोटोकॉल और विदेशी राजनयिकों व प्रतिनिधियों की आवाजाही पर एक नई बहस छेड़ दी है। इजरायल का कहना है कि किसी भी विदेशी अधिकारी को विवादित क्षेत्रों का दौरा करते समय सुरक्षा के दृष्टिकोण से अग्रिम सूचना देनी चाहिए। दूसरी ओर, खन्ना के समर्थकों का कहना है कि एक अमेरिकी सांसद के साथ ऐसा व्यवहार चिंताजनक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद भविष्य में भारतवंशी अमेरिकी राजनेताओं और इजरायल के बीच संबंधों को प्रभावित कर सकता है। रो खन्ना अक्सर इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष पर संतुलित लेकिन आलोचनात्मक रुख अपनाने के लिए जाने जाते हैं। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब मध्य पूर्व में तनाव पहले से ही चरम पर है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय हर छोटी घटना पर बारीकी से नजर रख रहा है।
आईसीएम24 (ICN24) की रिपोर्ट के अनुसार, अब यह मामला वाशिंगटन के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। जहां अमेरिकी विदेश मंत्रालय इस पर चुप्पी साधे हुए है, वहीं खन्ना के कार्यालय ने अपने बयान पर कायम रहने की बात कही है। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय, जो अक्सर भारत के इजरायल के साथ मजबूत होते रणनीतिक संबंधों और पश्चिम में भारतीय प्रवासियों के राजनीतिक उत्थान के बीच संतुलन देखता है, इस घटनाक्रम पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है।
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