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«यह तो बस ट्रेलर है»: एकनाथ शिंदे का उद्धव गुट में बड़ी सेंधमारी का दावा, 6 सांसदों के पाला बदलने की चर्चा

ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 05:37 am
«यह तो बस ट्रेलर है»: एकनाथ शिंदे का उद्धव गुट में बड़ी सेंधमारी का दावा, 6 सांसदों के पाला बदलने की चर्चा

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों के पाला बदलने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अभी और बड़े राजनीतिक उलटफेर होने बाकी हैं।

मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ी हलचल के संकेत मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को शिवसेना (यूबीटी) के खेमे में बड़ी सेंधमारी की ओर इशारा करते हुए एक बड़ा बयान दिया है। शिवसेना के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में शिंदे ने कहा कि प्रतिद्वंद्वी गुट के छह सांसदों के पाला बदलने की जो चर्चाएं चल रही हैं, वे तो महज एक 'ट्रेलर' हैं और पूरी 'फिल्म' अभी बाकी है। शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस पर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित करते हुए शिंदे ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी खेमे के कई निर्वाचित प्रतिनिधि उनके संपर्क में हैं और वे जल्द ही आधिकारिक तौर पर उनके नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। शिंदे ने कहा, "लोग पूछते हैं कि क्या कोई हमारे साथ आ रहा है? मैं बस इतना कहूंगा कि यह तो बस शुरुआत है। आने वाले समय में आप देखेंगे कि असली शिवसेना कौन है और जनता का समर्थन किसके साथ है।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक बिसात बिछाई जाने लगी है। हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनावों के परिणामों के बाद दोनों गुटों के बीच वर्चस्व की जंग और तेज हो गई है। शिंदे ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार ने पिछले दो वर्षों में विकास के जो कार्य किए हैं, उसी का परिणाम है कि दूसरे गुट के नेता अब उनके साथ आने को उत्सुक हैं। ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय, विशेष रूप से महाराष्ट्र मूल के प्रवासियों के लिए राज्य की यह राजनीतिक अस्थिरता चर्चा का विषय बनी रहती है। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में रहने वाले मराठी भाषी समुदाय महाराष्ट्र में राजनीतिक स्थिरता को राज्य के विकास और विदेशी निवेश के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं। शिंदे ने अपने भाषण में अप्रत्यक्ष रूप से यह संदेश देने की कोशिश की कि उनकी सरकार स्थिर है और भविष्य में और अधिक मजबूत होगी। वहीं दूसरी ओर, शिवसेना (यूबीटी) ने शिंदे के इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ठाकरे गुट के नेताओं का कहना है कि यह केवल ध्यान भटकाने की राजनीति है और उनके सांसद पूरी तरह से एकजुट हैं। हालांकि, शिंदे की 'फिल्म अभी बाकी है' वाली टिप्पणी ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है। जानकारों का मानना है कि यदि वास्तव में सांसद पाला बदलते हैं, तो यह उद्धव ठाकरे के लिए एक बड़ा झटका साबित होगा, जो अपनी पार्टी को पुनर्जीवित करने के प्रयासों में जुटे हैं। स्थापना दिवस के इस मौके पर शिंदे ने बाल ठाकरे की विरासत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वे बालासाहेब के विचारों को आगे ले जा रहे हैं और उन्होंने कभी भी सत्ता के लिए अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आगामी चुनावों में राज्य की जनता उनके काम पर मुहर लगाएगी। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शिंदे द्वारा किया गया यह 'ट्रेलर' वाला दावा असलियत में बदलता है या यह केवल एक मनोवैज्ञानिक युद्ध का हिस्सा है।
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