बिज़नेस
भारतीय रिजर्व बैंक की बढ़ती राजकोषीय भूमिका: केंद्र को ₹2.87 लाख करोड़ का रिकॉर्ड हस्तांतरण और इसके निहितार्थ
ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 01:38 pm
आरबीआई द्वारा केंद्र सरकार को ₹2.87 लाख करोड़ के रिकॉर्ड सरप्लस हस्तांतरण ने भारत की राजकोषीय नीतियों और केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता पर एक नई बहस छेड़ दी है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा केंद्र सरकार को ₹2.87 लाख करोड़ के रिकॉर्ड अधिशेष (surplus) हस्तांतरण ने भारत के आर्थिक परिदृश्य में केंद्रीय बैंक की बदलती भूमिका को केंद्र में ला दिया है। यह बड़ी राशि न केवल भारत सरकार के राजकोषीय घाटे को कम करने में मदद करेगी, बल्कि बुनियादी ढांचे के विकास और कल्याणकारी योजनाओं के लिए आवश्यक धन भी प्रदान करेगी। हालांकि, इस ऐतिहासिक हस्तांतरण ने केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता और भारत के संघीय ढांचे में राजकोषीय विकेंद्रीकरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, आरबीआई की कमाई का मुख्य स्रोत विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों का प्रबंधन और सरकारी प्रतिभूतियों पर मिलने वाला ब्याज है। वैश्विक बाजार में अस्थिरता और ऊंची ब्याज दरों के बीच, आरबीआई ने अपने भंडार का कुशलतापूर्वक प्रबंधन किया है, जिसके परिणामस्वरूप यह भारी अधिशेष उत्पन्न हुआ है। ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय निवेशकों और प्रवासियों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत की राजकोषीय मजबूती सीधे तौर पर रुपये की स्थिरता और देश में निवेश के माहौल को प्रभावित करती है। एक मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार और सरकारी खजाने में वृद्धि भारत को विदेशी निवेशकों के लिए एक सुरक्षित गंतव्य बनाती है।
हालांकि, इस प्रवृत्ति ने 'राजकोषीय केंद्रीकरण' की चिंताएं बढ़ा दी हैं। परंपरागत रूप से, कर राजस्व को वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर राज्यों के साथ साझा किया जाता है। लेकिन आरबीआई का यह सरप्लस ट्रांसफर पूरी तरह से केंद्र सरकार के पास जाता है, जिसमें राज्यों की कोई हिस्सेदारी नहीं होती। आलोचकों का तर्क है कि इससे राज्यों की वित्तीय स्थिति कमजोर हो सकती है, जो पहले से ही अपने संसाधनों के लिए केंद्र पर निर्भर हैं।
इसके अतिरिक्त, केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता पर भी बहस तेज हो गई है। अर्थशास्त्रियों का एक वर्ग चेतावनी देता है कि सरकार की राजकोषीय जरूरतों को पूरा करने के लिए आरबीआई पर अत्यधिक निर्भरता इसके भविष्य के जोखिम प्रबंधन को प्रभावित कर सकती है। यदि बैंक को अपने भंडार का एक बड़ा हिस्सा सरकार को देना पड़ता है, तो भविष्य में किसी आर्थिक संकट की स्थिति में उसके पास सुरक्षा कवच कम हो सकता है।
भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक संबंधों के संदर्भ में, भारत की राजकोषीय स्थिति में यह सुधार द्विपक्षीय व्यापार और निवेश समझौतों (जैसे ECTA) को गति दे सकता है। सिडनी और मेलबर्न में स्थित भारतीय समुदाय, जो भारत में रियल एस्टेट और शेयर बाजार में निवेश करते हैं, के लिए आरबीआई की यह सक्रिय राजकोषीय भूमिका एक मिश्रित संकेत है। जहां एक ओर यह व्यापक आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करता है, वहीं दूसरी ओर यह केंद्र और राज्यों के बीच बढ़ते वित्तीय असंतुलन की ओर भी इशारा करता है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस अतिरिक्त धन का उपयोग किस प्रकार करती है और क्या इससे आम जनता को महंगाई से राहत मिलती है।
संबंधित ख़बरें
business
बैंक हॉलिडे अलर्ट: अगले सप्ताह तीन दिन बंद रहेंगे बैंक, लेनदेन से पहले चेक करें छुट्टियों की पूरी लिस्ट
भारत में अगले सप्ताह बैंक तीन दिनों तक बंद रहेंगे, जिसमें चौथा शनिवार और रविवार शामिल हैं। अनिवासी भारतीयों के लिए बैंकिंग लेनदेन प्रभावित हो सकते हैं।
20 जून 2026, 06:55 pm
business
शेयर बाजार अवकाश: अगले सप्ताह तीन दिनों तक बंद रहेंगे NSE और BSE; निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
भारतीय शेयर बाजार में अगले सप्ताह तीन दिनों का अवकाश रहेगा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में शनिवार, रविवार और एक सार्वजनिक अवकाश के कारण ट्रेडिंग बंद रहेगी।
20 जून 2026, 06:41 pm
business
जर्मनी बनाम आइवरी कोस्ट: फीफा विश्व कप का रोमांच; जानें कब, कहां और कैसे देखें लाइव स्ट्रीमिंग
फीफा विश्व कप में जर्मनी और आइवरी कोस्ट के बीच होने वाले बड़े मुकाबले के लिए मंच सज चुका है। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई प्रशंसकों के लिए प्रसारण विवरण और टीम की जानकारी यहां देखें।
20 जून 2026, 06:25 pm

