राजनीति
परिसीमन विवाद: तमिलनाडु के मंत्री ने केंद्र को चेताया, डीएमके और बीजेपी के बीच 'गुप्त समझौते' का लगाया आरोप
ICN24 Newsroom 9 अग॰ 2026, 11:37 pm

तमिलनाडु के मंत्री निर्मल कुमार ने केंद्र के परिसीमन प्रस्ताव का विरोध करते हुए डीएमके पर बीजेपी के साथ गुप्त मिलीभगत का आरोप लगाया है।
मदुरै। तमिलनाडु के राजनीति के गलियारों में परिसीमन (Delimitation) का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। तमिलनाडु के मंत्री निर्मल कुमार ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित परिसीमन अभ्यास का कड़ा विरोध करते हुए इसे राज्य के राजनीतिक अधिकारों के साथ खिलवाड़ बताया है। मदुरै को कचरा मुक्त बनाने की पहल के तहत आयोजित एक मैराथन के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जनसंख्या के आधार पर संसदीय सीटों का पुनर्वितरण किया गया, तो तमिलनाडु का राजनीतिक प्रभाव काफी कम हो जाएगा।
निर्मल कुमार ने सत्तारूढ़ डीएमके (DMK) पर तीखा हमला करते हुए दावा किया कि पार्टी ने इस संवेदनशील मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ एक 'गुप्त समझौता' कर लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी जानकारी सामने आई है जिसके अनुसार जब परिसीमन का मुद्दा संसद में चर्चा के लिए आएगा, तो डीएमके के सदस्य इसके खिलाफ वोट देने के बजाय सदन से वॉकआउट कर सकते हैं। मंत्री के अनुसार, यह कदम सीधे तौर पर भाजपा के प्रस्ताव का समर्थन करने जैसा होगा, क्योंकि इससे मतदान के दौरान विरोध दर्ज नहीं हो पाएगा।
मंत्री ने तर्क दिया कि तमिलनाडु ने जनसंख्या नियंत्रण के क्षेत्र में अन्य राज्यों की तुलना में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। हालांकि, अब केंद्र सरकार जनसंख्या के आंकड़ों के आधार पर सीटों का निर्धारण करने की योजना बना रही है, जो उन राज्यों के लिए सजा की तरह है जिन्होंने राष्ट्रीय नीतियों का पालन किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बिना किसी ठोस आवश्यकता के राजनीतिक कारणों से इस अभ्यास को आगे बढ़ा रही है, जो राज्य की आवाज को हाशिए पर धकेलने की साजिश है।
निर्मल कुमार ने डीएमके की पिछली स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले पार्टी खुद को तमिलनाडु के अधिकारों के सबसे बड़े रक्षक के रूप में पेश करती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के परिवार के राजनीतिक हितों की रक्षा के लिए पार्टी के नेतृत्व ने राज्य के व्यापक हितों के साथ समझौता कर लिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि डीएमके वास्तव में परिसीमन का विरोध करती है, तो उसे संसद में डटे रहना चाहिए और इसके खिलाफ मतदान करना चाहिए।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय, विशेष रूप से तमिल प्रवासियों के लिए भारत में होने वाला यह संवैधानिक बदलाव काफी महत्वपूर्ण है। भारत की संघीय संरचना में किसी भी प्रकार का बदलाव सीधे तौर पर उन राज्यों की विकास नीतियों और निवेश को प्रभावित करता है जिनसे प्रवासी जुड़े हुए हैं। मंत्री ने अंत में अपील की कि तमिलनाडु के सभी राजनीतिक दलों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एक साथ आना चाहिए ताकि राज्य की संसदीय शक्ति को सुरक्षित रखा जा सके।
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