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महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में दर्दनाक हादसा: सांप के काटने से तीन छात्राओं की मौत, हॉस्टल की सुरक्षा पर उठे सवाल
ICN24 Newsroom 10 अग॰ 2026, 11:37 pm

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में एक आवासीय विद्यालय के हॉस्टल में सोते समय सांप के काटने से तीन छात्राओं की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले से एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक सरकारी आवासीय विद्यालय (आश्रम शाला) के हॉस्टल में सांप के काटने से तीन आदिवासी छात्राओं की मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब छात्राएं छात्रावास के कमरे में जमीन पर सो रही थीं। इस हादसे में तीन अन्य छात्राएं भी घायल हुई हैं, जिन्हें उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
मृतक छात्राओं की पहचान 8, 12 और 14 वर्ष की आयु के रूप में हुई है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, यह घटना देर रात की है जब एक जहरीला सांप छात्रावास के भीतर घुस गया। गढ़चिरौली का यह इलाका घने जंगलों से घिरा हुआ है और मानसून के मौसम में यहां सरीसृपों का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, छात्राओं को सोते समय सांप ने डस लिया और जब तक उन्हें चिकित्सा सहायता मिल पाती, तीन छात्राओं ने दम तोड़ दिया। अन्य तीन छात्राओं को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
इस घटना ने सरकारी आवासीय विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय आदिवासी समुदायों और अभिभावकों में इस हादसे को लेकर भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि छात्रावास की इमारतों की स्थिति जर्जर है और वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। जमीन पर सोने की मजबूरी और खिड़की-दरवाजों का ठीक से बंद न होना इस तरह की घटनाओं का मुख्य कारण माना जा रहा है। विशेष रूप से दुर्गम क्षेत्रों में स्थित आश्रम शालाओं में रात के समय चिकित्सा कर्मियों या प्राथमिक उपचार किट की अनुपलब्धता भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
गढ़चिरौली के जिला अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया है और स्कूल प्रबंधन से इस लापरवाही पर जवाब मांगा है। पुलिस ने दुर्घटनावश मृत्यु का मामला दर्ज किया है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को नियमानुसार आर्थिक सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में सर्पदंश एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है, जिससे निपटने के लिए जमीनी स्तर पर जागरूकता और बेहतर स्वास्थ्य ढांचे की आवश्यकता है।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए भी यह खबर चिंता का विषय है, क्योंकि कई प्रवासी भारतीय अपने पैतृक गांवों में शिक्षा और स्वास्थ्य परियोजनाओं से जुड़े रहते हैं। ग्रामीण भारत में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के अधिकार को सुनिश्चित करना एक साझा जिम्मेदारी है। गढ़चिरौली की यह घटना याद दिलाती है कि अभी भी देश के दूर-दराज के इलाकों में बुनियादी ढांचे को सुरक्षित बनाने की दिशा में बहुत काम किया जाना शेष है।
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