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आईटी शेयरों में भारी बिकवाली से सेंसेक्स का पांच दिनों का विजय रथ थमा; इंफोसिस और टीसीएस को सबसे ज्यादा नुकसान

ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 03:26 pm
आईटी शेयरों में भारी बिकवाली से सेंसेक्स का पांच दिनों का विजय रथ थमा; इंफोसिस और टीसीएस को सबसे ज्यादा नुकसान

भारतीय शेयर बाजार में पांच दिनों की तेजी के बाद भारी गिरावट देखी गई। आईटी दिग्गज एक्सेंचर द्वारा राजस्व अनुमान घटाने के बाद इंफोसिस और टीसीएस के शेयरों में जोरदार बिकवाली हुई।

भारतीय शेयर बाजार में पिछले पांच कारोबारी सत्रों से जारी तेजी पर शुक्रवार को विराम लग गया। वैश्विक आईटी दिग्गज कंपनी एक्सेंचर (Accenture) द्वारा अपने पूरे साल के राजस्व अनुमान में कटौती किए जाने के बाद भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई, जिससे बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में बंद हुए। इस गिरावट ने न केवल घरेलू निवेशकों बल्कि ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय मूल के उन निवेशकों (NRIs) को भी चिंता में डाल दिया है जो भारतीय शेयर बाजार में सक्रिय रूप से निवेश करते हैं। आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी इंफोसिस (Infosys) के शेयरों में 8 प्रतिशत से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई। वहीं, देश की सबसे बड़ी आईटी सेवा प्रदाता कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयर 6 प्रतिशत तक लुढ़क गए। अन्य प्रमुख कंपनियों में टेक महिंद्रा में 5 प्रतिशत और एचसीएल टेक (HCL Tech) में 4.9 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। आईटी शेयरों के अलावा बैंकिंग और मेटल सेक्टर में भी दबाव रहा, जिसमें एचडीएफसी बैंक और टाटा स्टील प्रमुख रूप से गिरावट के साथ बंद हुए। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि एक्सेंचर का फैसला वैश्विक स्तर पर आईटी खर्च में आ रही कमी का संकेत है। चूंकि भारतीय आईटी कंपनियां अपने राजस्व का एक बड़ा हिस्सा अमेरिका और यूरोपीय बाजारों से प्राप्त करती हैं, इसलिए वैश्विक मंदी या खर्चों में कटौती का सीधा असर इनके मार्जिन पर पड़ता है। ऑस्ट्रेलिया में बसे कई भारतीय पेशेवर, जो टेक सेक्टर में काम करते हैं या सिडनी और मेलबर्न से भारतीय इक्विटी में निवेश करते हैं, वे इन घटनाक्रमों को बारीकी से देख रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में भारतीय बाजार ने शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन इस ताजा गिरावट ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। आर्थिक जानकारों के अनुसार, बाजार में यह सुधार (correction) अपेक्षित भी था क्योंकि शेयर काफी ऊंचे मूल्यांकन पर ट्रेड कर रहे थे। हालांकि, आईटी सेक्टर में आई इस अचानक गिरावट ने पोर्टफोलियो को काफी नुकसान पहुंचाया है। निवेशकों को अब अगली तिमाही के परिणामों का इंतजार है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि भारतीय आईटी कंपनियां इस वैश्विक अनिश्चितता के बीच अपने मुनाफे को कैसे बरकरार रखती हैं। फिलहाल, बाजार में उतार-चढ़ाव रहने की संभावना है और विशेषज्ञों ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे लंबी अवधि के नजरिए से ही निवेश करें।
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