बिज़नेस
वैश्विक परिस्थितियों में सुधार से मजबूत हो रहा रुपया: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल
ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 03:41 pm
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि बेहतर अंतरराष्ट्रीय स्थितियों और बढ़ते बाजार विश्वास के कारण भारतीय रुपया अब मजबूती की ओर बढ़ रहा है।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत देते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में सुधार के साथ ही भारतीय रुपया अब मजबूती की राह पर लौट आया है। उन्होंने विश्वास जताया कि वैश्विक वित्तीय बाजारों में लौट रही स्थिरता का सीधा लाभ भारतीय मुद्रा को मिल रहा है। मंत्री ने रेखांकित किया कि पिछले कुछ समय से वैश्विक स्तर पर जो अनिश्चितता बनी हुई थी, उसमें अब धीरे-धीरे कमी आ रही है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
मंत्री गोयल ने स्पष्ट किया कि भारतीय रुपया दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं की तुलना में काफी बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की मजबूत आर्थिक बुनियाद (फंडामेंटल्स) और विदेशी मुद्रा भंडार की बेहतर स्थिति ने रुपये को बाहरी झटकों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पीयूष गोयल के अनुसार, जैसे-जैसे आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) और भू-राजनीतिक तनावों में स्थिरता आ रही है, वैसे-वैसे वैश्विक निवेशक फिर से उभरते बाजारों, विशेषकर भारत की ओर रुख कर रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए यह खबर विशेष महत्व रखती है। जब भी रुपये में मजबूती आती है, तो इसका सीधा प्रभाव भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाले द्विपक्षीय व्यापार पर पड़ता है। भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (ECTA) के लागू होने के बाद से दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियां बढ़ी हैं। रुपये की स्थिरता से ऑस्ट्रेलियाई निर्यातकों और भारत में निवेश करने वाले अनिवासी भारतीयों (NRIs) को लंबी अवधि की योजनाएं बनाने में मदद मिलती है। हालांकि, रुपये की मजबूती का मतलब यह भी है कि ऑस्ट्रेलिया से भारत भेजे जाने वाले धन (रेमिटेंस) की विनिमय दर में बदलाव आ सकता है, जिसे प्रवासी समुदाय बड़े ध्यान से देखता है।
गोयल ने यह भी कहा कि सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि मुद्रास्फीति और विनिमय दर के बीच संतुलन बना रहे। उन्होंने बताया कि घरेलू स्तर पर बढ़ते निर्यात और विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) के प्रवाह ने रुपये को सहारा दिया है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों का असर रुपये पर पड़ता रहा है, लेकिन अब स्थिति नियंत्रण में दिख रही है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार इसी तरह सकारात्मक रुझान दिखाते रहे, तो रुपया डॉलर के मुकाबले अपनी खोई हुई जमीन वापस पा सकता है। भारत की बढ़ती जीडीपी दर और दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने का गौरव भी निवेशकों के मनोबल को बढ़ा रहा है। अंत में मंत्री ने दोहराया कि भारत की विकास यात्रा अबाधित जारी रहेगी और रुपया इस मजबूती का प्रतिबिंब बनेगा।
संबंधित ख़बरें
business
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में कड़े किए नियम: उर्वरक आपूर्ति और वैश्विक कीमतों पर गहराया संकट
ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में पारगमन नियमों को सख्त करने से वैश्विक उर्वरक आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है, जिससे भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसे कृषि प्रधान देशों में चिंता बढ़ गई है।
20 जून 2026, 05:11 pm
business
मुंबई लोकल में बिना टिकट सफर अब पड़ेगा भारी; रेलवे ने जुर्माने की दरों में की बड़ी बढ़ोतरी
मुंबई की जीवनरेखा कही जाने वाली लोकल ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा करने वालों के लिए रेलवे ने नियमों को और कड़ा कर दिया है, ताकि अनुशासन बना रहे।
20 जून 2026, 04:11 pm
business
होर्मुज जलडमरूमध्य से तीन भारतीय तेल टैंकर सुरक्षित निकले; जहाजरानी मंत्रालय ने नाविकों की सुरक्षा की पुष्टि की
भारत के तीन कच्चे तेल टैंकरों ने क्षेत्रीय तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार कर लिया है। बंदरगाह और जहाजरानी मंत्रालय ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।
20 जून 2026, 03:56 pm

