लाइव
विज्ञापन
Demo Interstitial - Migration Consultancy
बिज़नेस
बिज़नेस

फोनपे का स्पष्टीकरण: वॉलेट निष्क्रियता शुल्क का बैंक खातों या UPI लेनदेन पर कोई असर नहीं

ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 05:40 pm
फोनपे का स्पष्टीकरण: वॉलेट निष्क्रियता शुल्क का बैंक खातों या UPI लेनदेन पर कोई असर नहीं

डिजिटल भुगतान प्रमुख फोनपे ने स्पष्ट किया है कि उसका नया निष्क्रियता शुल्क केवल प्रीपेड वॉलेट पर लागू होता है, यूपीआई या सीधे बैंक लेनदेन पर नहीं।

भारत के अग्रणी डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म फोनपे (PhonePe) ने हाल ही में अपने उपयोगकर्ताओं को वॉलेट निष्क्रियता शुल्क के बारे में सूचित किया है। इस घोषणा के बाद सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफार्मों पर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। कंपनी ने अब स्पष्ट रूप से स्पष्ट किया है कि यह शुल्क केवल उसके 'फोनपे वॉलेट' (प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट - PPI) पर लागू होता है। इसका सीधा मतलब यह है कि जो उपयोगकर्ता सीधे अपने बैंक खाते के माध्यम से यूपीआई (UPI) लेनदेन करते हैं, उन्हें किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क देने की आवश्यकता नहीं है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह जानकारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। कई प्रवासी भारतीय (NRIs) भारत में अपने माता-पिता के बिलों का भुगतान करने, संपत्ति कर भरने या अन्य घरेलू खर्चों के लिए फोनपे जैसे ऐप का उपयोग करते हैं। अक्सर देखा गया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रहने वाले उपयोगकर्ता लंबे समय तक अपने डिजिटल वॉलेट का उपयोग नहीं करते हैं, जिससे उनके मन में बैंक खातों से पैसे कटने का डर पैदा हो गया था। कंपनी ने आश्वस्त किया है कि यदि आपका फोनपे खाता सक्रिय है लेकिन वॉलेट में कोई पैसा नहीं है, तो आप पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा। फोनपे वॉलेट और यूपीआई के बीच के अंतर को समझना आवश्यक है। वॉलेट एक 'प्रीपेड' सेवा है जिसमें आप पहले से पैसे लोड करते हैं। इसके विपरीत, यूपीआई सीधे आपके लिंक किए गए बैंक खाते से पैसा डेबिट करता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशानिर्देशों के अनुसार, यदि कोई प्रीपेड वॉलेट 12 महीने से अधिक समय तक निष्क्रिय रहता है, तो कंपनियां उस पर रखरखाव या निष्क्रियता शुल्क लगा सकती हैं। फोनपे का यह कदम इसी नियामक ढांचे का हिस्सा है ताकि निष्क्रिय खातों का प्रबंधन किया जा सके। कंपनी के आधिकारिक बयान के अनुसार, यह शुल्क केवल उन्हीं खातों से काटा जाएगा जिनके वॉलेट में शेष राशि (balance) उपलब्ध है। यदि किसी उपयोगकर्ता के वॉलेट में शून्य शेष है, तो कोई नकारात्मक शेष (negative balance) नहीं बनाया जाएगा। यानी, आपके बैंक खाते से पैसे काटकर वॉलेट का शुल्क नहीं वसूला जाएगा। यह स्पष्टीकरण उन लाखों भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई लोगों के लिए राहत लेकर आया है जो भारत के साथ अपने वित्तीय संबंधों को बनाए रखने के लिए इन डिजिटल उपकरणों पर निर्भर हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि यदि आप लंबे समय तक भारत से बाहर रह रहे हैं और फोनपे का उपयोग कर रहे हैं, तो समय-समय पर अपने वॉलेट की जांच करते रहें। यदि आप वॉलेट का उपयोग नहीं करना चाहते हैं, तो इसमें मौजूद शेष राशि को वापस अपने बैंक खाते में स्थानांतरित करना एक समझदारी भरा कदम हो सकता है। यूपीआई का उपयोग जारी रखने के लिए किसी विशेष शुल्क की घोषणा नहीं की गई है, जिससे डिजिटल इंडिया की नींव मजबूत बनी हुई है।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

बैंक हॉलिडे अलर्ट: अगले सप्ताह तीन दिन बंद रहेंगे बैंक, लेनदेन से पहले चेक करें छुट्टियों की पूरी लिस्ट
business

बैंक हॉलिडे अलर्ट: अगले सप्ताह तीन दिन बंद रहेंगे बैंक, लेनदेन से पहले चेक करें छुट्टियों की पूरी लिस्ट

भारत में अगले सप्ताह बैंक तीन दिनों तक बंद रहेंगे, जिसमें चौथा शनिवार और रविवार शामिल हैं। अनिवासी भारतीयों के लिए बैंकिंग लेनदेन प्रभावित हो सकते हैं।

20 जून 2026, 06:55 pm
शेयर बाजार अवकाश: अगले सप्ताह तीन दिनों तक बंद रहेंगे NSE और BSE; निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
business

शेयर बाजार अवकाश: अगले सप्ताह तीन दिनों तक बंद रहेंगे NSE और BSE; निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

भारतीय शेयर बाजार में अगले सप्ताह तीन दिनों का अवकाश रहेगा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में शनिवार, रविवार और एक सार्वजनिक अवकाश के कारण ट्रेडिंग बंद रहेगी।

20 जून 2026, 06:41 pm
जर्मनी बनाम आइवरी कोस्ट: फीफा विश्व कप का रोमांच; जानें कब, कहां और कैसे देखें लाइव स्ट्रीमिंग
business

जर्मनी बनाम आइवरी कोस्ट: फीफा विश्व कप का रोमांच; जानें कब, कहां और कैसे देखें लाइव स्ट्रीमिंग

फीफा विश्व कप में जर्मनी और आइवरी कोस्ट के बीच होने वाले बड़े मुकाबले के लिए मंच सज चुका है। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई प्रशंसकों के लिए प्रसारण विवरण और टीम की जानकारी यहां देखें।

20 जून 2026, 06:25 pm
Original text
Rate this translation
Your feedback will be used to help improve Google Translate