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'ओपी राजभर खुद समाजवादी पार्टी में आना चाहते हैं', सपा सांसद रुचि वीरा ने किया बड़ा दावा

ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 03:07 am
'ओपी राजभर खुद समाजवादी पार्टी में आना चाहते हैं', सपा सांसद रुचि वीरा ने किया बड़ा दावा

मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी की सांसद रुचि वीरा ने दावा किया है कि सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर फिर से सपा में शामिल होना चाहते हैं।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानों के तीर चलने शुरू हो गए हैं। मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद रुचि वीरा ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर पर तीखा हमला बोला है। रुचि वीरा ने दावा किया है कि राजभर अपनी वर्तमान स्थिति से खुश नहीं हैं और वे एक बार फिर समाजवादी पार्टी के पाले में आने के लिए छटपटा रहे हैं। सांसद रुचि वीरा का यह बयान राजभर द्वारा सपा नेतृत्व पर की गई हालिया टिप्पणियों के जवाब में आया है। मुरादाबाद में पत्रकारों से बात करते हुए वीरा ने कहा कि ओम प्रकाश राजभर की राजनीति केवल सत्ता के इर्द-गिर्द घूमती है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजभर केवल चर्चा में बने रहने के लिए समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के खिलाफ बयानबाजी करते हैं, जबकि हकीकत में वे अंदरूनी तौर पर सपा में वापसी की राह तलाश रहे हैं। गौरतलब है कि ओम प्रकाश राजभर का राजनीतिक इतिहास काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उन्होंने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन किया था, लेकिन चुनाव के कुछ समय बाद ही वे गठबंधन से अलग हो गए और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) में शामिल हो गए। वर्तमान में वे योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, जिसके बाद से ही उन पर राजनीतिक दबाव बना हुआ है। रुचि वीरा ने आगे कहा कि राजभर अच्छी तरह जानते हैं कि उत्तर प्रदेश की जनता अब बदलाव चाहती है और लोकसभा चुनाव के नतीजों ने यह साबित कर दिया है कि समाजवादी पार्टी का आधार मजबूत हो रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो नेता कल तक भाजपा को कोसते थे, आज वे उनकी गोद में बैठे हैं और फिर से पाला बदलने की तैयारी में हैं। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले प्रवासियों के लिए यूपी की यह राजनीतिक उठापटक हमेशा से चर्चा का विषय रहती है। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में बसे 'यूपी प्रवासियों' के बीच रुचि वीरा और राजभर जैसे नेताओं की बयानबाजी को राज्य के भविष्य के समीकरणों के रूप में देखा जाता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयानों से यह संकेत मिलता है कि आगामी उपचुनावों और भविष्य की रणनीतियों को लेकर विपक्षी खेमा सत्तारूढ़ गठबंधन के मंत्रियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। फिलहाल, ओम प्रकाश राजभर या उनकी पार्टी की ओर से रुचि वीरा के इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन इस बयान ने उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में हलचल जरूर तेज कर दी है। क्या यह महज एक राजनीतिक बयान है या आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में किसी बड़े सियासी उलटफेर की आहट, यह तो वक्त ही बताएगा।
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