राजनीति
'गद्दारों के लिए जगह नहीं': जादवपुर सांसद सयोनी घोष के कार्यालय पर टीएमसी कार्यकर्ताओं ने जड़ा ताला, लगाए 'गद्दार' के पोस्टर
ICN24 Newsroom 11 अग॰ 2026, 10:37 pm
दक्षिण कोलकाता के वार्ड 106 में तृणमूल कांग्रेस के भीतर मची रार सार्वजनिक हो गई है, जहाँ नाराज कार्यकर्ताओं ने सांसद सयोनी घोष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रही अंदरूनी कलह अब सड़कों पर दिखाई देने लगी है। दक्षिण कोलकाता के वार्ड 106 में स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब पार्टी के ही एक गुट ने जादवपुर से सांसद सयोनी घोष के कार्यालय पर ताला जड़ दिया। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने कार्यालय की दीवारों पर 'गद्दार' लिखे पोस्टर चिपका दिए और आरोप लगाया कि सांसद पार्टी के आधिकारिक नेतृत्व के बजाय एक अलग गुट का समर्थन कर रही हैं।
यह घटना जादवपुर निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाके में हुई, जिसे टीएमसी का गढ़ माना जाता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ममता बनर्जी के प्रति वफादारी का दावा करने वाले कार्यकर्ताओं के एक समूह ने कार्यालय के मुख्य द्वार को बंद कर दिया और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पार्टी में 'गद्दारों' के लिए कोई जगह नहीं है और सयोनी घोष को उनके कथित विद्रोही रुख के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
सयोनी घोष, जो एक लोकप्रिय अभिनेत्री रही हैं और अब राजनीति में सक्रिय हैं, पिछले कुछ समय से पार्टी के भीतर संगठनात्मक मतभेदों का केंद्र रही हैं। उन पर आरोप है कि वह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी कर रही हैं और अपनी एक समानांतर शक्ति संरचना बनाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि सांसद की ओर से अभी तक इस घटना पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन इस घटना ने पार्टी के भीतर अनुशासन और गुटबाजी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय, विशेष रूप से सिडनी और मेलबर्न में रहने वाले बंगाली प्रवासियों के लिए पश्चिम बंगाल की राजनीतिक उथल-पुथल हमेशा से चर्चा का विषय रहती है। कई प्रवासी भारतीय अपने गृह राज्य में प्रशासनिक स्थिरता को लेकर चिंतित रहते हैं, क्योंकि उनके परिवार और निवेश वहां मौजूद हैं। समुदाय के सदस्यों का मानना है कि इस तरह की राजनीतिक गुटबाजी से विकास कार्यों में बाधा आती है और राज्य की छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना आगामी स्थानीय चुनावों से पहले पार्टी के भीतर शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकती है। टीएमसी नेतृत्व के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती इन असंतुष्ट गुटों को एकजुट करना और अनुशासन बनाए रखना होगा, ताकि विपक्षी दलों को इसका फायदा न मिल सके। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
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