राजनीति
नीट यूजी पुनर्परीक्षा: अभेद्य सुरक्षा कवच के बीच परीक्षा, एनटीए ने लागू किए कड़े नियम
ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 01:36 pm

नीट यूजी पुनर्परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए एनटीए ने हवाई निगरानी और लाइव सीसीटीवी मॉनिटरिंग जैसे अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए हैं।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने नीट यूजी 2024 की पुनर्परीक्षा को लेकर सुरक्षा के ऐसे कड़े इंतजाम किए हैं, जिन्हें 'अभेद्य' माना जा रहा है। हाल के दिनों में परीक्षा प्रक्रिया की शुचिता पर उठे सवालों के बाद, एनटीए ने इस बार तकनीक और मैन्युअल निगरानी का एक ऐसा जाल बुना है जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। यह परीक्षा उन 1,563 उम्मीदवारों के लिए आयोजित की जा रही है जिन्हें पहले ग्रेस मार्क्स दिए गए थे, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद रद्द कर दिया गया था।
इस बार सुरक्षा की शुरुआत प्रश्नपत्रों के वितरण से ही हो गई है। एनटीए ने पहली बार प्रश्नपत्रों की आवाजाही के लिए हवाई निगरानी (Aerial Surveillance) का सहारा लिया है। स्ट्रॉन्ग रूम से लेकर परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्रों को ले जाने वाले वाहनों की जीपीएस के जरिए ट्रैकिंग की जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि रास्ते में कोई अनाधिकृत गतिविधि न हो। यह कदम विशेष रूप से उन संवेदनशील क्षेत्रों के लिए उठाया गया है जहां पहले पेपर लीक की खबरें आई थीं।
परीक्षा केंद्रों के भीतर की व्यवस्था को पूरी तरह से डिजिटल कर दिया गया है। एनटीए के दिल्ली स्थित मुख्यालय में एक अत्याधुनिक कमांड सेंटर बनाया गया है, जहां से हर केंद्र की लाइव स्ट्रीमिंग देखी जा रही है। एआई-आधारित (AI-based) सॉफ्टवेयर का उपयोग उन केंद्रों की पहचान करने के लिए किया जा रहा है जहां किसी भी प्रकार की असामान्य हलचल देखी जा रही है। बायोमेट्रिक उपस्थिति और गहन शारीरिक जांच (Frisking) के बिना किसी भी छात्र को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई है।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए यह खबर विशेष महत्व रखती है। बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय (NRIs) और उनके बच्चे भारत के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में दाखिले का सपना देखते हैं। सिडनी, मेलबर्न और पर्थ जैसे शहरों में रहने वाले भारतीय अभिभावक, जो अपने बच्चों को मेडिकल की पढ़ाई के लिए भारत भेजने की योजना बना रहे हैं, इस परीक्षा की विश्वसनीयता को लेकर चिंतित रहे हैं। एनटीए की यह सख्ती न केवल परीक्षा की गरिमा को बहाल करने की कोशिश है, बल्कि विदेशों में रह रहे भारतीयों के बीच भारतीय शिक्षा प्रणाली के प्रति विश्वास पैदा करने का एक प्रयास भी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सुरक्षा ढांचा भविष्य की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए एक मानक (Benchmark) बन सकता है। एनटीए ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की कोताही बरतने वाले अधिकारियों या केंद्रों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में, पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए विशेष पर्यवेक्षकों और फ्लाइंग स्क्वॉड को भी तैनात किया गया है, जो बिना किसी पूर्व सूचना के केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं।
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