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केरल का संशोधित बजट: कोच्चि की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मिली मामूली राशि, प्रवासी समुदाय में चिंता
ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 07:37 am

केरल के संशोधित बजट में कोच्चि की प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए बेहद कम फंड आवंटित किए गए हैं, जिससे विकास कार्यों की गति धीमी होने की आशंका है।
केरल सरकार द्वारा हाल ही में पेश किए गए संशोधित बजट ने राज्य की व्यावसायिक राजधानी कोच्चि के विकास को लेकर नई बहस छेड़ दी है। बजट में शहर की कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए की गई मामूली वित्तीय घोषणाओं ने विशेषज्ञों और आम जनता को निराश किया है। विशेष रूप से उन परियोजनाओं को नजरअंदाज किया गया है जो शहर की यातायात व्यवस्था और शहरी विकास के लिए अनिवार्य मानी जा रही थीं।
इस बजट में कोच्चि मेट्रो के विस्तार, सड़क चौड़ीकरण और जल परिवहन प्रणालियों के लिए जिस तरह की वित्तीय प्रतिबद्धता की उम्मीद थी, वह धरातल पर नजर नहीं आई। विशेषज्ञों का मानना है कि पर्याप्त धन के अभाव में चल रहे प्रोजेक्ट्स की गति धीमी हो सकती है या वे पूरी तरह रुक सकते हैं। केरल सरकार वर्तमान में वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रही है, जिसका सीधा असर अब विकास कार्यों पर पड़ता दिख रहा है।
ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय, विशेषकर केरल मूल के प्रवासियों (Malayali Diaspora) के लिए यह खबर काफी महत्वपूर्ण है। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी, मेलबर्न और ब्रिस्बेन जैसे शहरों में एक बड़ी आबादी कोच्चि और एर्नाकुलम जिले से ताल्लुक रखती है। कई प्रवासी भारतीयों ने कोच्चि में रियल एस्टेट और स्टार्टअप्स में निवेश किया है। बुनियादी ढांचे में निवेश की कमी सीधे तौर पर उनकी संपत्तियों के मूल्य और भविष्य की निवेश संभावनाओं को प्रभावित करती है।
विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह राज्य के सबसे अधिक राजस्व देने वाले शहर की अनदेखी कर रही है। कोच्चि न केवल केरल का औद्योगिक केंद्र है, बल्कि पर्यटन का भी मुख्य द्वार है। बजट में प्रमुख सड़कों के सौंदर्यीकरण और जल-निकासी की पुरानी समस्याओं के समाधान के लिए भी कोई ठोस योजना पेश नहीं की गई है। जानकारों का कहना है कि यदि कोच्चि जैसे शहर की बुनियादी सुविधाओं में सुधार नहीं हुआ, तो इसका असर राज्य की समग्र आर्थिक वृद्धि पर पड़ेगा।
प्रवासी समुदाय के बीच यह चिंता का विषय इसलिए भी है क्योंकि कई लोग अपनी छुट्टियों के दौरान कोच्चि को अपना आधार बनाते हैं। यातायात की भीड़भाड़ और खराब सड़कें अक्सर उनकी यात्रा के अनुभव को प्रभावित करती हैं। इस बजट आवंटन से यह स्पष्ट हो गया है कि आने वाले समय में कोच्चि के निवासियों और वहां निवेश करने वालों को फिलहाल बड़े बदलावों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। सरकार का तर्क है कि वह उपलब्ध संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करने की कोशिश कर रही है, लेकिन कोच्चि के लिए 'नाममात्र' का आवंटन इस तर्क को कमजोर करता है।
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