राजनीति
कर्नाटक की राजनीति में भूचाल: मंत्री रामलिंगा रेड्डी का इस्तीफा, डीके शिवकुमार सरकार के लिए बड़ी चुनौती
ICN24 Newsroom 5 जून 2026, 05:30 pm

कर्नाटक में नई सरकार के गठन के महज 48 घंटों के भीतर वरिष्ठ नेता रामलिंगा रेड्डी ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। राज्य में डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली सरकार को उस समय गहरा झटका लगा, जब वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामलिंगा रेड्डी ने कैबिनेट से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। गौरतलब है कि रेड्डी ने यह कदम शपथ ग्रहण समारोह के महज 48 घंटे बाद उठाया है, जिससे पार्टी के भीतर मचे आंतरिक कलह की खबरें सार्वजनिक हो गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, रामलिंगा रेड्डी उन्हें आवंटित किए गए विभाग से बेहद असंतुष्ट थे। रेड्डी का कहना है कि वे आठ बार के विधायक हैं और पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा पर कोई संदेह नहीं किया जा सकता, लेकिन महत्वपूर्ण जिम्मेदारी न देकर उनका 'अपमान' किया गया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि वे लंबे समय से सार्वजनिक सेवा में हैं और इस तरह की उपेक्षा को स्वीकार करना उनके स्वाभिमान के खिलाफ है।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह घटनाक्रम चिंता का विषय है, क्योंकि कर्नाटक भारत के तकनीकी हब के रूप में जाना जाता है। बेंगलुरू में होने वाली किसी भी राजनीतिक अस्थिरता का सीधा असर वहां के निवेश और विकास परियोजनाओं पर पड़ता है, जिससे प्रवासी भारतीयों के व्यापारिक हित भी जुड़े होते हैं। मेलबर्न और सिडनी में बसे कन्नड़ समुदाय के लोग राज्य की स्थिरता को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रेड्डी का इस्तीफा डीके शिवकुमार के लिए एक बड़ी परीक्षा है। कांग्रेस ने हाल ही में राज्य में पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की थी, लेकिन मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा अब एक बड़ी फांस बनता जा रहा है। यदि अन्य वरिष्ठ नेता भी इसी तरह की नाराजगी जताते हैं, तो सरकार के लिए अपनी नीतियों को लागू करना मुश्किल हो जाएगा।
फिलहाल, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन पार्टी आलाकमान रेड्डी को मनाने की कोशिशों में जुट गया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कांग्रेस नेतृत्व रेड्डी की मांगों को मानकर इस संकट को टाल पाता है या फिर यह कर्नाटक की राजनीति में किसी बड़े विद्रोह की शुरुआत है।
संबंधित ख़बरें
राजनीति
RSS दफ्तरों पर हमले की बड़ी साजिश का खुलासा: दुबई से मिले थे निर्देश, रांची के बाद लखनऊ था अगला निशाना
रांची में आरएसएस कार्यालय पर हुए हमले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, इस हमले के तार दुबई से जुड़े हैं और अगला निशाना लखनऊ था।
20 जून 2026, 05:56 pm

राजनीति
अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच युद्ध विराम: हज़ारों की मौत, लेकिन क्या आधिकारिक आंकड़े सच हैं?
ईरान और अमेरिका-इसराइल के बीच संघर्ष को समाप्त करने के लिए समझौता हुआ है। आधिकारिक आंकड़ों में हजारों मौतों का दावा है, लेकिन इनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।
20 जून 2026, 05:10 pm

राजनीति
एमबीए या प्लंबर: मुख्य आर्थिक सलाहकार के बयान ने छेड़ी नई बहस, क्या बदल रहा है रोजगार का नजरिया?
क्या एक प्लंबर एक एमबीए डिग्री धारक से बेहतर कमा सकता है? भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार के बयान ने शिक्षा और हुनर के बीच संतुलन पर एक नई चर्चा शुरू कर दी है।
20 जून 2026, 04:55 pm

