राजनीति
जेडी वेंस ने ट्रंप की 'पारखी नजर' को सराहा; विशेषज्ञों और अभिजात वर्ग की आलोचना की
ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 10:08 am

उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जेडी वेंस ने डोनाल्ड ट्रंप की लोगों को परखने की अद्भुत क्षमता की प्रशंसा की है और पारंपरिक विशेषज्ञों की राय पर सवाल उठाए हैं।
अमेरिका के आगामी राष्ट्रपति चुनाव की गहमागहमी के बीच, रिपब्लिकन पार्टी के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जेडी वेंस ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नेतृत्व शैली के एक महत्वपूर्ण पहलू पर प्रकाश डाला है। वेंस ने दावा किया कि ट्रंप के पास लोगों के इरादों और उनके चरित्र को समझने की एक असाधारण क्षमता है, जिसे उन्होंने 'लोगों को पढ़ने की कला' करार दिया। वेंस के अनुसार, ट्रंप की यह सहज बुद्धि उन्हें उन राजनेताओं से अलग करती है जो केवल कागजी विशेषज्ञों और अभिजात वर्ग की सलाह पर निर्भर रहते हैं।
एक हालिया बातचीत के दौरान, जेडी वेंस ने विस्तार से बताया कि कैसे ट्रंप किसी व्यक्ति के साथ कुछ ही मिनटों की बातचीत के बाद यह भांप लेते हैं कि वह व्यक्ति ईमानदार है या उसे धोखा देने की कोशिश कर रहा है। वेंस ने तर्क दिया कि ट्रंप की यह 'पारखी नजर' प्रशासन चलाने में एक बड़ी संपत्ति साबित हुई है, क्योंकि यह उन्हें उन लोगों को पहचानने में मदद करती है जिनके अपने निजी एजेंडे हो सकते हैं। वेंस ने कहा कि अक्सर वाशिंगटन के गलियारों में 'विशेषज्ञों' की एक ऐसी जमात होती है जो जमीनी हकीकत से कटी होती है, और ट्रंप की सहज प्रवृत्ति इसी विसंगति को दूर करती है।
अभिजात वर्ग और संस्थागत विशेषज्ञता पर निशाना साधते हुए, वेंस ने कहा कि पिछले कुछ दशकों में कई 'विशेषज्ञों' ने गलत निर्णय लिए हैं, चाहे वह विदेश नीति हो या अर्थव्यवस्था। उन्होंने सुझाव दिया कि ट्रंप की अपनी समझ अक्सर इन विशेषज्ञों के सामूहिक ज्ञान से बेहतर साबित हुई है। वेंस का यह बयान उस समय आया है जब रिपब्लिकन अभियान 'आम आदमी बनाम अभिजात वर्ग' के विमर्श को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए यह राजनीतिक घटनाक्रम विशेष महत्व रखता है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय मूल के लोग, जो अक्सर पेशेवर और व्यापारिक क्षेत्रों में सक्रिय हैं, नेतृत्व में निर्णय लेने की क्षमता और व्यावहारिक दृष्टिकोण को काफी महत्व देते हैं। वेंस द्वारा ट्रंप की 'सहज बुद्धि' की प्रशंसा करना, उन मतदाताओं के बीच प्रतिध्वनित हो सकता है जो नौकरशाही के बजाय परिणामों पर ध्यान केंद्रित करने वाले नेतृत्व को पसंद करते हैं। ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच बढ़ते व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों के संदर्भ में, अमेरिकी नेतृत्व का यह लचीला और व्यक्तिगत दृष्टिकोण वैश्विक कूटनीति को भी प्रभावित कर सकता है।
वेंस ने यह भी स्पष्ट किया कि यह केवल व्यक्तिगत पसंद का मामला नहीं है, बल्कि एक व्यापक शासन दर्शन है। उन्होंने तर्क दिया कि जब कोई नेता लोगों के असली इरादों को समझ सकता है, तो वह बेहतर नीतियां बना सकता है जो वास्तव में जनता के हित में होती हैं। वेंस के अनुसार, ट्रंप की यह क्षमता उन्हें दुनिया के अन्य कद्दावर नेताओं के साथ बातचीत करने में भी लाभ पहुंचाती है, क्योंकि वे शब्दों के पीछे छिपे वास्तविक अर्थों को समझ लेते हैं।
निष्कर्ष के तौर पर, जेडी वेंस का यह रुख ट्रंप की उस छवि को और मजबूत करता है जिसे वे एक 'आउटसाइडर' के रूप में पेश करते आए हैं—एक ऐसा व्यक्ति जो स्थापित व्यवस्था को चुनौती देता है। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई प्रवासियों के लिए, जो अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया दोनों के साथ घनिष्ठ संबंध रखते हैं, यह विश्लेषण अमेरिकी राजनीति की बदलती दिशा को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी है। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, यह देखना दिलचस्प होगा कि 'विशेषज्ञ बनाम अनुभव' की यह बहस मतदाताओं को किस हद तक प्रभावित करती है।
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