राजनीति
लखनऊ विरोध प्रदर्शन: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके
ICN24 Newsroom 12 जून 2026, 06:31 pm

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर लखनऊ में विरोध प्रदर्शन करेंगे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करेंगे।
लखनऊ: परीक्षाओं के संचालन में कथित अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ युवाओं का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने घोषणा की है कि वे लखनऊ में आयोजित होने वाले विरोध प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग प्रमुखता से उठाएंगे। यह विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को राजधानी के इको गार्डन में आयोजित किया जाना तय हुआ है।
गुरुवार देर रात लखनऊ हवाई अड्डे के बाहर मीडियाकर्मियों से बात करते हुए दिपके ने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण और संवैधानिक होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली और पुणे में सफल प्रदर्शनों के बाद अब उत्तर प्रदेश की राजधानी में भी युवा अपनी आवाज बुलंद करेंगे। दिपके ने जोर देकर कहा, "हम केवल लोकतंत्र में अपने विचार रखने और जवाबदेही तय करने की कोशिश कर रहे हैं। शिक्षा मंत्री को इन विफलताओं की जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ देना चाहिए।"
हालांकि, लखनऊ में इस विरोध प्रदर्शन को लेकर पुलिस की अनुमति पर अभी संशय बना हुआ है। स्थानीय पुलिस प्रशासन की ओर से अनुमति के संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले पर चुप्पी साधी हुई है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए दिपके ने कहा कि यदि अनुमति नहीं मिली है, तो वे अधिकारियों से संपर्क करेंगे और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए औपचारिक सहमति मांगेंगे। उन्होंने दोहराया कि उनका उद्देश्य किसी भी तरह की अराजकता फैलाना नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार की मांग करना है।
भारत में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर उठते सवाल न केवल देश के भीतर बल्कि विदेशों में रह रहे भारतीय समुदाय के बीच भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय प्रवासियों, विशेषकर वे जिनके बच्चे भारत में उच्च शिक्षा या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, इस घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहे हैं। भारत की शिक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और निष्पक्षता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की प्रतिष्ठा से जुड़ी हुई है।
सीजेपी का यह आंदोलन एक राष्ट्रव्यापी अभियान का हिस्सा है। पुणे और दिल्ली के बाद, संगठन की योजना लखनऊ से होते हुए अमृतसर और बेंगलुरु जाने की है। इस पूरे विरोध अभियान का समापन 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़े प्रदर्शन के साथ होगा। प्रदर्शनकारियों का मानना है कि जब तक शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक परीक्षा प्रणाली में सुधार संभव नहीं है।
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