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बेंगलुरु की 18 मंजिला इमारत को खुद जमींदोज करेगा बिल्डर: 20 करोड़ का खर्चा और नोएडा के ट्विन टावर गिराने वाली टीम की मदद
ICN24 Newsroom 29 जुल॰ 2026, 06:36 pm

बेंगलुरु में एक 18 मंजिला आवासीय इमारत झुकने के बाद बिल्डर ने उसे खुद गिराने का फैसला किया है। एडिफिस इंजीनियरिंग की मदद से इसे ढहाया जाएगा और खरीदारों पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा।
बेंगलुरु के रियल एस्टेट क्षेत्र से एक अभूतपूर्व मामला सामने आया है, जहां एक नवनिर्मित 18 मंजिला आवासीय इमारत के झुकने के बाद बिल्डर ने इसे स्वेच्छा से ध्वस्त करने का निर्णय लिया है। यह घटना न केवल स्थानीय निवासियों के लिए चिंता का विषय है, बल्कि भारतीय रियल एस्टेट बाजार में जवाबदेही के एक नए मानक के रूप में भी देखी जा रही है। शहर के इलेक्ट्रॉनिक सिटी क्षेत्र के पास स्थित इस बहुमंजिला इमारत में संरचनात्मक दोष पाए गए थे, जिसके बाद इसकी सुरक्षा पर सवाल उठने लगे थे।
इमारत को ढहाने की जिम्मेदारी उसी प्रसिद्ध एजेंसी 'एडिफिस इंजीनियरिंग' (Edifice Engineering) को सौंपी गई है, जिसने उत्तर प्रदेश के नोएडा में अवैध रूप से बने 'ट्विन टावर्स' को नियंत्रित विस्फोट के जरिए सफलतापूर्वक ध्वस्त किया था। यह एजेंसी अपनी तकनीकी विशेषज्ञता और सुरक्षा मानकों के लिए जानी जाती है। बेंगलुरु की इस इमारत को गिराने के लिए भी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा ताकि आसपास की अन्य संपत्तियों या जनजीवन को कोई नुकसान न पहुंचे।
आमतौर पर जब किसी इमारत में कोई गंभीर तकनीकी खराबी आती है, तो कानूनी लड़ाइयां और दोषारोपण का सिलसिला शुरू हो जाता है, जिसमें खरीदार सबसे अधिक पिसते हैं। हालांकि, इस मामले में बिल्डर ने एक सराहनीय कदम उठाते हुए घोषणा की है कि इमारत को गिराने और इसे नए सिरे से बनाने का पूरा खर्च वह खुद वहन करेगा। अनुमान लगाया गया है कि इस पूरी प्रक्रिया में लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत आएगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बिल्डर ने स्पष्ट किया है कि फ्लैट खरीदने वालों से इसके लिए एक भी अतिरिक्त रुपया नहीं मांगा जाएगा।
यह खबर उन अनिवासी भारतीयों (NRIs) के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक है, जो ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में रहकर बेंगलुरु के टेक-हब और उभरते रियल एस्टेट बाजार में निवेश करते हैं। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए भारत में संपत्ति की सुरक्षा और बिल्डरों की विश्वसनीयता हमेशा से एक बड़ा मुद्दा रही है। इस तरह की घटना यह दर्शाती है कि रेरा (RERA) के आने के बाद और बढ़ती पारदर्शिता के कारण अब बिल्डर अपनी गलतियों की जिम्मेदारी लेने से पीछे नहीं हट रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि निर्माण के दौरान मिट्टी की जांच में चूक या नींव की डिजाइन में तकनीकी गड़बड़ी के कारण इमारत एक तरफ झुक सकती है। बेंगलुरु जैसे शहर में, जहां तेजी से निर्माण कार्य हो रहा है, ऐसी घटनाएं सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। हालांकि, बिल्डर द्वारा खुद आगे आकर समस्या का समाधान करना निवेश के दृष्टिकोण से एक सकारात्मक संकेत है। वर्तमान में, एडिफिस इंजीनियरिंग की टीम साइट का मुआयना कर रही है और जल्द ही ध्वस्तीकरण की अंतिम योजना सार्वजनिक की जाएगी।
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