टेक्नोलॉजी
बायोएक्सट्रीम ने लॉन्च किया 'डेक्सट्रीम 2.0': स्ट्रोक रिकवरी के लिए एआई-संचालित रोबोटिक तकनीक
ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 01:09 pm

बायोएक्सट्रीम ने स्ट्रोक के मरीजों के पुनर्वास के लिए नया एआई-आधारित रोबोट डेक्सट्रीम 2.0 पेश किया है, जो व्यक्तिगत उपचार में मदद करेगा।
रोबोटिक पुनर्वास (rehabilitation) के क्षेत्र में काम करने वाली प्रमुख कंपनी बायोएक्सट्रीम (Bioxtreme) ने अपने नवीनतम नवाचार, 'डेक्सट्रीम 2.0' (Dextreme 2.0) के वैश्विक लॉन्च की घोषणा की है। यह अत्याधुनिक रोबोटिक प्रणाली विशेष रूप से उन मरीजों के लिए तैयार की गई है जो स्ट्रोक या अन्य न्यूरोलॉजिकल विकारों के बाद अपने शारीरिक कार्यों को पुनः प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं। इस नई तकनीक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का व्यापक उपयोग किया गया है, जो इसे पहले के संस्करणों की तुलना में अधिक प्रभावी और सटीक बनाता है।
स्ट्रोक रिकवरी के क्षेत्र में 'डेक्सट्रीम 2.0' एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसका एआई-संचालित सपोर्ट सिस्टम है, जो मरीज की गतिविधियों और उनकी रिकवरी की गति को वास्तविक समय (real-time) में ट्रैक करता है। यह डेटा न केवल डॉक्टरों को मरीज की प्रगति समझने में मदद करता है, बल्कि रोबोट को मरीज की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार अपनी रेजिस्टेंस और सपोर्ट को एडजस्ट करने की अनुमति भी देता है। इसका मतलब है कि प्रत्येक मरीज को अब अधिक व्यक्तिगत और अनुकूलित थेरेपी मिल सकेगी।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए यह तकनीक विशेष महत्व रखती है। स्वास्थ्य आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण एशियाई मूल के लोगों में हृदय संबंधी रोग और स्ट्रोक का जोखिम अन्य समुदायों की तुलना में अधिक होता है। सिडनी, मेलबर्न और ब्रिस्बेन जैसे प्रमुख शहरों में रहने वाले भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई परिवारों के लिए स्ट्रोक के बाद की देखभाल एक बड़ी चुनौती रही है। रिकवरी क्लीनिकों में इस तरह की आधुनिक रोबोटिक तकनीक की उपलब्धता से रिकवरी की अवधि को कम किया जा सकता है और मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बायोएक्सट्रीम की यह पहल पुनर्वास क्लीनिकों के कार्यभार को भी कम करेगी। 'डेक्सट्रीम 2.0' की व्यापक पहुंच और सुगम डिजाइन का अर्थ है कि अब चिकित्सक एक ही समय में अधिक मरीजों पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे, क्योंकि रोबोटिक सिस्टम बुनियादी व्यायामों और गतिविधियों को सटीकता के साथ संचालित करने में सक्षम है। इसके अलावा, इसके उपयोगकर्ता-अनुकूल इंटरफेस की मदद से मरीज भी थेरेपी सत्र के दौरान अधिक सक्रिय और प्रेरित महसूस करते हैं।
बायोएक्सट्रीम के अनुसार, डेक्सट्रीम 2.0 न केवल ऊपरी अंगों की गतिशीलता पर ध्यान केंद्रित करता है, बल्कि यह न्यूरोप्लास्टिसिटी को बढ़ावा देने के लिए मस्तिष्क और मांसपेशियों के बीच के समन्वय को भी बेहतर बनाता है। जैसे-जैसे ऑस्ट्रेलिया अपने स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को आधुनिक बना रहा है, उम्मीद है कि आने वाले महीनों में स्थानीय स्ट्रोक पुनर्वास केंद्रों में इस तकनीक का उपयोग शुरू हो जाएगा, जिससे हजारों मरीजों को लाभ होगा।
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