राजनीति
भीलवाड़ा में व्यापारियों का उग्र प्रदर्शन: अधूरी सड़क के विरोध में बाजार बंद, प्रशासन को दी चेतावनी
ICN24 Newsroom 8 जुल॰ 2026, 09:31 pm

भीलवाड़ा के गुलमंडी और सराफा बाजार में अधूरी सड़क निर्माण से नाराज व्यापारियों ने चक्काजाम कर प्रदर्शन किया और जल्द समाधान न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
राजस्थान के 'वस्त्र नगरी' कहे जाने वाले भीलवाड़ा शहर में बुनियादी ढांचे की बदहाली को लेकर व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। शहर के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों, गुलमंडी और सराफा बाजार में सड़क निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा रहने के कारण स्थानीय व्यापारियों ने शुक्रवार को बाजार पूरी तरह बंद रखा और सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने न केवल दुकानें बंद रखीं, बल्कि सड़क पर जाम लगाकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
व्यापारियों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से सड़क खुदाई का काम चल रहा है, लेकिन इसे पूरा करने में प्रशासनिक सुस्ती बरती जा रही है। अधूरी सड़क के कारण धूल के गुबार उड़ रहे हैं, जिससे न केवल व्यापारियों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि दुकानों में रखा कीमती सामान भी खराब हो रहा है। इसके अलावा, उबड़-खाबड़ रास्तों के कारण ग्राहकों ने इन बाजारों का रुख करना कम कर दिया है, जिससे व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। व्यापारियों ने साफ किया कि अगर जल्द ही निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू नहीं किया गया, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक उग्र बनाएंगे।
विरोध प्रदर्शन के दौरान बाजार संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रशासन को कई बार ज्ञापन सौंपे गए और मौखिक रूप से भी स्थिति से अवगत कराया गया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। सराफा बाजार के एक प्रमुख व्यापारी ने बताया कि शादियों का सीजन करीब है और ऐसे में सड़क की यह हालत व्यापार को पूरी तरह चौपट कर सकती है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं, जिससे पैदल चलने वालों और वाहन चालकों के लिए भी खतरा बना हुआ है।
भीलवाड़ा की इस घटना का महत्व प्रवासी भारतीय समुदाय, विशेषकर ऑस्ट्रेलिया में रह रहे राजस्थान मूल के लोगों के लिए भी है। कई प्रवासी भारतीयों के पैतृक व्यवसाय और संपत्तियां इन पुराने बाजारों में स्थित हैं। बुनियादी ढांचे की ऐसी समस्याएं न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित करती हैं, बल्कि उन निवेशकों और परिवारों की चिंता भी बढ़ाती हैं जो अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं।
दोपहर तक चले इस जाम के बाद मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल ने व्यापारियों को शांत करने का प्रयास किया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि निर्माण कार्य में आ रही तकनीकी बाधाओं को दूर कर जल्द से जल्द सड़क को सुचारू किया जाएगा। हालांकि, व्यापारी संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि अगले कुछ दिनों में धरातल पर बदलाव नहीं दिखा, तो वे पूरे शहर में चक्काजाम करने के लिए मजबूर होंगे। भीलवाड़ा का यह मामला भारत के तेजी से बढ़ते शहरों में शहरी नियोजन और प्रशासनिक जवाबदेही के बीच बढ़ते अंतराल को उजागर करता है।
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