राजनीति
तमिलनाडु का बड़ा फैसला: उच्च शिक्षण संस्थानों के चारों ओर 500 मीटर का क्षेत्र होगा 'ड्रग-फ्री जोन'
ICN24 Newsroom 8 जुल॰ 2026, 07:31 pm

तमिलनाडु सरकार ने राज्य के सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के आसपास 500 मीटर के दायरे को 'नशा मुक्त क्षेत्र' घोषित करने का निर्देश जारी किया है।
तमिलनाडु सरकार ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। राज्य के उच्च शिक्षा विभाग ने एक आधिकारिक निर्देश जारी करते हुए सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के चारों ओर 500 मीटर के दायरे को 'ड्रग-फ्री जोन' (नशा मुक्त क्षेत्र) घोषित करने का आदेश दिया है। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य छात्रों को नशीले पदार्थों की आसान उपलब्धता से बचाना और शैक्षणिक परिसरों के पास एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है।
राज्य सरकार के इस नए नियम के तहत, उच्च शिक्षण संस्थानों के आसपास के 500 मीटर के इस दायरे में तंबाकू, शराब और किसी भी अन्य प्रकार के नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि संस्थानों के प्रमुखों को स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि इस बफर जोन में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियां न हों। इसके अतिरिक्त, परिसरों के बाहर स्पष्ट रूप से 'नशा मुक्त क्षेत्र' के साइनबोर्ड लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
यह पहल तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन द्वारा शुरू किए गए 'ड्रग्स के खिलाफ अभियान' (Drive Against Drugs) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि कॉलेजों के भीतर 'एंटी-ड्रग क्लब' बनाए जाएं, जो छात्रों के बीच जागरूकता फैलाने का काम करेंगे। इन क्लबों के माध्यम से छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में शिक्षित किया जाएगा और उन्हें मादक पदार्थों के सेवन की सूचना देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह खबर विशेष महत्व रखती है। ऑस्ट्रेलिया में भी शिक्षण संस्थानों के पास नशीले पदार्थों और तंबाकू उत्पादों की बिक्री को लेकर बेहद सख्त कानून लागू हैं। उदाहरण के लिए, विक्टोरिया और न्यू साउथ वेल्स जैसे राज्यों में स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों के पास धूम्रपान और नशीले पदार्थों को लेकर कड़े 'नो-गो जोन' (No-go zones) हैं। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के माता-पिता अक्सर भारत में शिक्षा के स्तर और छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। तमिलनाडु सरकार का यह कदम भारत में शैक्षणिक सुरक्षा के मानकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लाने की एक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कानून बना देना काफी नहीं है, बल्कि इसका जमीन पर कड़ाई से पालन होना आवश्यक है। इस नीति की सफलता काफी हद तक स्थानीय प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन के बीच तालमेल पर निर्भर करेगी। सरकार ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी दुकान या विक्रेता इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसका लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संबंधित ख़बरें

राजनीति
जबलपुर हाईकोर्ट की कड़ी कार्रवाई: आदेश की अनदेखी पर ACS समेत तीन वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ जमानती वारंट
जबलपुर हाईकोर्ट ने अदालती आदेशों की अवहेलना करने पर मध्य प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) सहित तीन अधिकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए वारंट जारी किया है।
9 जुल॰ 2026, 10:31 pm

राजनीति
चित्रकूट दौरे पर सीएम योगी: कामदगिरि की परिक्रमा के बाद बरहा हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चना
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दो दिवसीय चित्रकूट दौरे के दूसरे दिन कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा की और धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना कर क्षेत्र के विकास का जायजा लिया।
9 जुल॰ 2026, 09:31 pm

राजनीति
ज़ोहरान ममदानी पर 'सांस्कृतिक मिटाव' का आरोप: न्यूयॉर्क के नक्शे से 'लिटिल इटली' गायब होने पर विवाद
न्यूयॉर्क मेयर पद के उम्मीदवार ज़ोहरान ममदानी द्वारा जारी 'प्रवासी एन्क्लेव' नक्शे में ऐतिहासिक 'लिटिल इटली' को शामिल न करने पर इतालवी-अमेरिकी समुदाय ने कड़ा विरोध जताया है।
9 जुल॰ 2026, 08:31 pm

