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सावधान! गर्मियों की छुट्टियों के दौरान ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों पर साइबर धोखाधड़ी का बड़ा खतरा
ICN24 Newsroom 8 जुल॰ 2026, 09:31 pm

छुट्टियों के मौसम में कर्मचारियों की कमी का फायदा उठाकर साइबर अपराधी ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों को निशाना बना रहे हैं। विशेषज्ञों ने सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर चेतावनी जारी की है।
ऑस्ट्रेलिया में गर्मियों की छुट्टियों का आधिकारिक तौर पर आगाज़ हो चुका है, लेकिन यह आनंदमयी समय व्यापारिक जगत के लिए बड़ी चुनौतियां लेकर आया है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि छुट्टियों के दौरान कर्मचारियों की कमी और कार्यबल के पुनर्गठन का फायदा उठाकर साइबर अपराधी कंपनियों के साथ बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी कर सकते हैं। साइबर सुरक्षा फर्म 'एवरीव्हेन' (Everywhen) के अनुसार, इस अवधि में सुरक्षा जांच में होने वाली ढिलाई अपराधियों के लिए एक खुला आमंत्रण साबित हो रही है।
आमतौर पर दिसंबर और जनवरी के महीनों में ऑस्ट्रेलिया के अधिकांश पेशेवर अपनी वार्षिक छुट्टियों पर होते हैं। इस दौरान कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या काफी कम हो जाती है। जब अनुभवी कर्मचारी अवकाश पर होते हैं, तो अक्सर उनके कार्यों की जिम्मेदारी किसी ऐसे जूनियर कर्मचारी या अस्थायी स्टाफ को सौंप दी जाती है, जिसे भुगतान प्रक्रियाओं (payment protocols) की पूरी समझ नहीं होती। इसी 'ग्रे एरिया' का लाभ जालसाज उठाते हैं। अपराधी जानते हैं कि इस समय अप्रूवल प्रक्रिया में उतनी कड़ाई नहीं होगी जितनी सामान्य दिनों में होती है।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए यह खबर विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। ऑस्ट्रेलिया में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के उद्यमी और पेशेवर अकाउंटिंग, आईटी और वित्त क्षेत्रों में कार्यरत हैं। छुट्टियों के दौरान कई लोग अपने परिवारों से मिलने भारत जाते हैं, जिससे उनके व्यवसायों में पीछे से काम का बोझ बढ़ जाता है। साइबर अपराधी अक्सर 'बिजनेस ईमेल कॉम्प्रोमाइज' (BEC) का सहारा लेते हैं। वे कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों या सप्लायर्स के फर्जी ईमेल भेजकर तत्काल भुगतान की मांग करते हैं। कार्यबल की कमी के कारण, अक्सर कर्मचारी इन ईमेल की सत्यता की पुष्टि किए बिना ही भुगतान कर देते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, 'इनवॉइस फ्रॉड' यानी बिलों में हेराफेरी इस समय सबसे आम है। अपराधी किसी पुराने सप्लायर का भेष धरकर नया बैंक अकाउंट विवरण भेजते हैं और दावा करते हैं कि यह उनका अपडेटेड खाता है। छुट्टियों के दबाव में काम कर रहे कर्मचारी बिना फोन कॉल पर वेरिफिकेशन किए पैसा ट्रांसफर कर देते हैं। एक बार पैसा ट्रांसफर हो जाने के बाद, इसे रिकवर करना लगभग असंभव होता है क्योंकि अपराधी अक्सर अंतरराष्ट्रीय खातों का उपयोग करते हैं।
व्यवसायों को इस जोखिम से बचने के लिए सख्त दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए। विशेषज्ञों का सुझाव है कि भुगतान की किसी भी नई रिक्वेस्ट या बैंक विवरण में बदलाव की पुष्टि हमेशा 'मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन' या कम से कम एक सीधे फोन कॉल के जरिए की जानी चाहिए। इसके अलावा, अस्थायी कर्मचारियों को वित्तीय प्रभार देने से पहले उचित ट्रेनिंग देना अनिवार्य है। कंपनियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि छुट्टियों के दौरान भी 'ड्यूअल ऑथराइजेशन' (दोहरी मंजूरी) की प्रक्रिया में कोई ढील न दी जाए।
अंततः, सतर्कता ही बचाव का सबसे बड़ा हथियार है। यदि आप भी इस छुट्टियों के मौसम में ब्रेक ले रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपके व्यवसाय की डिजिटल सुरक्षा की बागडोर सुरक्षित हाथों में है। साइबर अपराधियों के लिए छुट्टी का समय सबसे अधिक कमाई का अवसर होता है, इसलिए अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल को प्राथमिकता दें।
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