राजनीति
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दलित छात्रा ललिता गौतम के परिजनों से की मुलाकात, कहा—'बख्शा नहीं जाएगा कोई भी दोषी'
ICN24 Newsroom 18 जुल॰ 2026, 11:34 pm
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद में पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की और इस जघन्य अपराध के दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गाजियाबाद स्थित पीडब्ल्यूडी (PWD) गेस्ट हाउस में मेरठ की दिवंगत दलित छात्रा ललिता गौतम के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री अत्यंत संवेदनशील नजर आए और उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने परिवार को ढांढस बंधाते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस कठिन घड़ी में उनके साथ खड़ी है और ललिता को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि इस मामले की जांच में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि अपराध करने वाला कोई भी हो, उसे कानून के शिकंजे से बचने नहीं दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति केवल बयानों तक सीमित नहीं है, बल्कि धरातल पर भी अपराधी को उसके किए की सजा भुगतनी होगी। उन्होंने पुलिस प्रशासन को इस जघन्य अपराध में शामिल सभी दोषियों की जल्द से जल्द पहचान कर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट में पैरवी करने के निर्देश दिए।
मेरठ की रहने वाली ललिता गौतम की दुखद मृत्यु ने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे राज्य में आक्रोश पैदा किया है। दलित समुदाय के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मुख्यमंत्री का सीधे परिवार से मिलना एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और सामाजिक संदेश माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने परिवार को आर्थिक सहायता और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का भी आश्वासन दिया, ताकि परिवार को कुछ संबल मिल सके।
यह घटना प्रवासी भारतीय समुदाय, विशेषकर ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय मूल के लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बनी हुई है। उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले कई प्रवासी भारतीय वहां की कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में सक्रिय भारतीय समुदाय के संगठनों ने अक्सर भारत में सामाजिक न्याय और सुरक्षा के मुद्दों पर अपनी आवाज उठाई है। मुख्यमंत्री के इस कदम को प्रवासी भारतीयों द्वारा कानून के शासन (Rule of Law) को मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
राज्य सरकार के प्रवक्ताओं के अनुसार, मुख्यमंत्री इस पूरे मामले की स्वयं निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से मामले की प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) भेजने को कहा है। सरकार का लक्ष्य है कि इस मामले में नजीर पेश की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। परिवार ने मुख्यमंत्री से मिलने के बाद अपनी बात रखते हुए न्याय की उम्मीद जताई है और प्रशासन के अब तक के सहयोग पर संतोष व्यक्त किया है।
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