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फीफा वर्ल्ड कप से पहले मानवाधिकार प्रमुख की चेतावनी: विभाजनकारी आव्रजन नीतियों से किसी का भला नहीं
ICN24 Newsroom 11 जून 2026, 12:01 pm
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख ने अमेरिका की आव्रजन नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि खेल आयोजनों में विभाजनकारी नैरेटिव किसी के पक्ष में नहीं हैं।
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने आगामी फीफा विश्व कप की मेजबानी से पहले संयुक्त राज्य अमेरिका की आव्रजन नीतियों और 'विभाजनकारी नैरेटिव' पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि ध्रुवीकरण करने वाली नीतियां न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन करती हैं, बल्कि वैश्विक खेल भावना को भी नुकसान पहुंचाती हैं। तुर्क ने जोर देकर कहा कि समावेशिता किसी भी अंतरराष्ट्रीय आयोजन की सफलता के लिए अनिवार्य है।
हाल के दिनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहां अमेरिका की सख्त आव्रजन नीतियों के कारण अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों और अधिकारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है। एक प्रमुख घटनाक्रम में, ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम को अपना प्रशिक्षण शिविर एरिजोना से हटाकर मैक्सिको स्थानांतरित करने के लिए मजबूर होना पड़ा। रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी दल के कई अधिकारियों को अमेरिकी वीजा देने से इनकार कर दिया गया था, जिससे टीम की तैयारियों में बाधा आई।
केवल खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि खेल अधिकारी भी इन नीतियों की जद में आ रहे हैं। फीफा द्वारा मान्यता प्राप्त सोमाली रेफरी, उमर अब्दुलकादिर आर्टन को 'सुरक्षा जांच संबंधी चिंताओं' का हवाला देते हुए अमेरिका में प्रवेश देने से मना कर दिया गया। ये घटनाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय बन गई हैं, क्योंकि अमेरिका 2026 में होने वाले फीफा विश्व कप का सह-मेजबान है।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय और प्रवासी नागरिकों के लिए यह मुद्दा काफी प्रासंगिक है। भारतीय मूल के हजारों प्रशंसक और पेशेवर अक्सर खेल आयोजनों के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा करते हैं। आव्रजन नीतियों में अनिश्चितता और वीजा संबंधी बाधाएं न केवल यात्रा की योजना को प्रभावित करती हैं, बल्कि यह एक असुरक्षा का माहौल भी पैदा करती हैं। ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में, जहां खेल संस्कृति बहुत मजबूत है, प्रवासी समुदाय इस बात को लेकर चिंतित है कि क्या भविष्य में वीजा नीतियां खेल और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के रास्ते में दीवार बनेंगी।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख ने देशों से आग्रह किया है कि वे अपनी सीमाओं का प्रबंधन करते समय मानवीय गरिमा और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं का सम्मान करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा के नाम पर किसी विशेष राष्ट्रीयता या पृष्ठभूमि के लोगों को लक्षित करना वैश्विक एकता के खिलाफ है। जैसे-जैसे विश्व कप नजदीक आ रहा है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या अमेरिका अपनी नीतियों में कोई ढील देता है ताकि खेल का यह महाकुंभ वास्तव में समावेशी बन सके।
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