राजनीति
सोनिया गांधी ने मनमोहन सिंह की दूरदर्शिता को सराहा, पीएम मोदी की कार्यशैली पर साधा निशाना
ICN24 Newsroom 11 अग॰ 2026, 07:39 pm

सोनिया गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की 2014 वाली भविष्यवाणी को याद करते हुए वर्तमान सरकार की नीतियों और नेतृत्व शैली पर सवाल उठाए हैं।
नई दिल्ली: कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल और उनकी दूरदर्शिता की सराहना करते हुए केंद्र की वर्तमान सरकार पर तीखा हमला बोला है। सोनिया गांधी ने डॉ. सिंह के उस ऐतिहासिक बयान को याद किया, जो उन्होंने जनवरी 2014 में अपने कार्यकाल की अंतिम प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया था। उस समय डॉ. सिंह ने कहा था कि उन्हें पूरा विश्वास है कि 'इतिहास उनके प्रति उतना कठोर नहीं होगा, जितनी समकालीन मीडिया और विपक्षी दल रहे हैं।'
सोनिया गांधी ने कहा कि आज देश डॉ. सिंह की उस गरिमापूर्ण चुप्पी और उनके काम करने के शांत लेकिन प्रभावी तरीके को याद कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधते हुए कहा कि आज का नेतृत्व केवल प्रचार और आत्म-प्रशंसा पर केंद्रित है, जबकि डॉ. सिंह ने हमेशा ठोस परिणामों और समावेशी विकास को प्राथमिकता दी। कांग्रेस नेता ने जोर देकर कहा कि डॉ. सिंह की भविष्यवाणियां आज सच साबित हो रही हैं, विशेष रूप से अर्थव्यवस्था और सामाजिक सद्भाव के मोर्चों पर।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए यह राजनीतिक घटनाक्रम विशेष महत्व रखता है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे प्रवासी भारतीय डॉ. मनमोहन सिंह को उन आर्थिक सुधारों के जनक के रूप में देखते हैं, जिन्होंने भारत को वैश्विक मंच पर एक मजबूत आर्थिक शक्ति बनाया। 1991 के उदारीकरण से लेकर 2004-2014 के बीच भारत की जीडीपी में आई तेजी ने ही लाखों भारतीयों को विदेश जाकर बसने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल होने के अवसर प्रदान किए। सोनिया गांधी के इस बयान को उसी विरासत को पुनः स्थापित करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
सोनिया गांधी ने यह भी उल्लेख किया कि डॉ. सिंह के नेतृत्व में भारत ने न केवल आर्थिक प्रगति की, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में भी नई ऊंचाइयों को छुआ। उन्होंने कहा कि डॉ. सिंह का स्वभाव 'दिखावे' से कोसों दूर था, जो आज के दौर के बिल्कुल विपरीत है। उनके अनुसार, वर्तमान सरकार केवल पिछली उपलब्धियों का श्रेय लेने में व्यस्त है, जबकि डॉ. सिंह ने चुपचाप उन आधारों का निर्माण किया जिन पर आज का भारत खड़ा है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि सोनिया गांधी का यह बयान आगामी चुनावों से पहले कांग्रेस के नैरेटिव को मजबूत करने की एक रणनीति है। वे डॉ. सिंह की 'सादगी और विशेषज्ञता' बनाम मोदी सरकार की 'भव्यता और संवाद' के बीच एक स्पष्ट अंतर पैदा करना चाहती हैं। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब विपक्ष लगातार बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। अंततः, सोनिया गांधी ने डॉ. सिंह को एक ऐसा प्रधानमंत्री बताया जिनके योगदान को आने वाली पीढ़ियां और अधिक सम्मान के साथ याद करेंगी।
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