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लुधियाना: बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से मचा हाहाकार, 16,000 से ज्यादा शिकायतें पेंडिंग

ICN24 Newsroom 11 अग॰ 2026, 02:37 pm
लुधियाना: बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से मचा हाहाकार, 16,000 से ज्यादा शिकायतें पेंडिंग

लुधियाना में बिजली विभाग के अनुबंध कर्मचारियों की हड़ताल के कारण 16,000 से अधिक शिकायतें लंबित हैं, जिससे स्थानीय निवासियों और एनआरआई परिवारों की चिंता बढ़ गई है।

पंजाब के औद्योगिक केंद्र लुधियाना में बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के अनुबंध कर्मचारियों की जारी हड़ताल के कारण शहर के विभिन्न हिस्सों में 16,000 से अधिक शिकायतें लंबित पड़ी हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 23 जुलाई से 10 अगस्त के बीच विभाग की '1912' हेल्पलाइन पर कुल 4,63,590 शिकायतें दर्ज की गई थीं। हालांकि प्रशासन ने इनमें से अधिकांश का निपटारा करने का दावा किया है, लेकिन 16,000 से अधिक मामलों में अब भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। लुधियाना के 19 डिवीजनों में फैली यह समस्या अब स्थानीय निवासियों के लिए सिरदर्द बन गई है। मॉनसून के इस मौसम में बिजली कटौती और वोल्टेज की समस्याओं ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। हड़ताल पर गए कर्मचारी अपनी सेवाओं के नियमितीकरण और वेतन वृद्धि की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अल्प वेतन पर काम कर रहे हैं और सरकार उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज कर रही है। दूसरी ओर, विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि वे वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कर्मचारियों की कमी के कारण मरम्मत कार्यों में देरी हो रही है। इस बिजली संकट का असर केवल लुधियाना में रह रहे लोगों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय (विशेषकर पंजाबियों) के बीच भी इसकी गहरी चिंता देखी जा रही है। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में रहने वाले कई प्रवासियों के माता-पिता और बुजुर्ग रिश्तेदार लुधियाना में अकेले रहते हैं। बिजली न होने के कारण न केवल उन्हें गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि संचार के साधन (फोन और इंटरनेट) ठप होने से ऑस्ट्रेलिया में बैठे उनके परिजनों का उनसे संपर्क करना भी मुश्किल हो गया है। ऑस्ट्रेलियाई-भारतीय समुदाय के लिए लुधियाना एक महत्वपूर्ण भावनात्मक और आर्थिक केंद्र है। कई एनआरआई यहां अपनी संपत्तियों और व्यवसायों का प्रबंधन करते हैं। इस तरह की बुनियादी ढांचागत विफलता उनके निवेश और वहां रह रहे उनके परिवारों की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगाती है। सोशल मीडिया पर भी ऑस्ट्रेलिया स्थित कई पंजाबी समूहों ने इस मुद्दे को उठाया है और पंजाब सरकार से जल्द से जल्द समाधान निकालने की अपील की है। फिलहाल, बिजली विभाग के अधिकारियों और हड़ताली यूनियन के बीच बातचीत का दौर जारी है, लेकिन अभी तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सका है। जब तक हड़ताल समाप्त नहीं होती, तब तक लंबित शिकायतों का अंबार बढ़ने की आशंका है। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं की गई, तो वे सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। आईसीएम24 की टीम इस स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है ताकि हमारे पाठकों तक पंजाब की हर छोटी-बड़ी खबर पहुंचती रहे।
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