टेक्नोलॉजी
रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स का ऐतिहासिक कदम: $4 बिलियन के मेगा आईपीओ के लिए तैयारी शुरू
ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 03:45 pm

रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल शाखा जियो प्लेटफॉर्म्स $4 बिलियन का ऐतिहासिक आईपीओ लाने की तैयारी में है, जिससे कंपनी का कुल मूल्यांकन $137 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है।
भारत के कॉर्पोरेट इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए, मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपनी डिजिटल और टेलीकॉम शाखा, जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) के लिए देश का अब तक का सबसे बड़ा आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बाजार के सूत्रों के अनुसार, इस मेगा आईपीओ के माध्यम से कंपनी लगभग 4 बिलियन डॉलर (करीब 33,000 करोड़ रुपये) जुटाने की योजना बना रही है। इस निवेश प्रस्ताव के साथ ही जियो प्लेटफॉर्म्स का अनुमानित बाजार मूल्यांकन 137 बिलियन डॉलर के करीब पहुंच सकता है, जो इसे दुनिया की सबसे मूल्यवान टेक कंपनियों की श्रेणी में खड़ा कर देगा।
यह कदम भारतीय शेयर बाजार के लिए एक ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है। इससे पहले भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और पेटीएम के आईपीओ ने सुर्खियां बटोरी थीं, लेकिन जियो का यह निर्गम उन सभी के रिकॉर्ड तोड़ सकता है। जियो प्लेटफॉर्म्स, जिसमें रिलायंस के टेलीकॉम व्यवसाय के साथ-साथ ऐप इकोसिस्टम और ब्रॉडबैंड सेवाएं शामिल हैं, ने पिछले कुछ वर्षों में भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की दिशा बदल दी है। किफायती डेटा और व्यापक 5G नेटवर्क के माध्यम से जियो ने करोड़ों भारतीयों को इंटरनेट से जोड़ा है।
ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय (Indian-Australian community) के लिए यह खबर विशेष महत्व रखती है। सिडनी, मेलबर्न और पर्थ जैसे शहरों में रहने वाले प्रवासी भारतीय (NRIs) तेजी से भारतीय शेयर बाजार में निवेश कर रहे हैं। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों और ईसीटीए (ECTA) जैसे व्यापारिक समझौतों के चलते, भारतीय स्टार्टअप और टेक दिग्गजों में निवेश की रुचि बढ़ी है। ऑस्ट्रेलिया में कार्यरत कई आईटी पेशेवर और निवेशक रिलायंस के इस कदम को भारत की तकनीकी शक्ति के वैश्विक उदय के रूप में देख रहे हैं।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह आईपीओ केवल पूंजी जुटाने का जरिया नहीं है, बल्कि यह गूगल और मेटा (फेसबुक) जैसे वैश्विक दिग्गजों के विश्वास की पुष्टि भी है, जिन्होंने पहले ही जियो प्लेटफॉर्म्स में बड़ी हिस्सेदारी खरीदी है। रिलायंस का लक्ष्य जियो को केवल एक टेलीकॉम कंपनी से बदलकर एक पूर्ण डिजिटल सेवा प्रदाता बनाना है, जो क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ई-कॉमर्स जैसे क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत कर सके।
इस आईपीओ के समय और विवरण पर विशेषज्ञों की नजर बनी हुई है। हालांकि वैश्विक अर्थव्यवस्था में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है, लेकिन भारत की मजबूत जीडीपी वृद्धि और घरेलू डिजिटल खपत के आंकड़ों को देखते हुए, निवेशकों की प्रतिक्रिया उत्साहजनक रहने की संभावना है। सिडनी के वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि यह आईपीओ ऑस्ट्रेलियाई निवेशकों को भारतीय 'न्यू-एज' अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनने का एक और सुनहरा अवसर प्रदान करेगा। आने वाले हफ्तों में सेबी (SEBI) के पास दाखिल किए जाने वाले ड्राफ्ट दस्तावेजों से इस विशाल निर्गम की सटीक समय-सीमा और मूल्य बैंड का पता चलेगा।
संबंधित ख़बरें

technology
बिग टेक की सस्ती एआई की तैयारी: क्या भारत बनेगा एआई क्रांति का नया केंद्र?
गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसे दिग्गज अब किफायती एआई समाधानों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। जानिए कैसे यह बदलाव भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम और डिजिटल भविष्य को बदल सकता है।
20 जून 2026, 06:26 pm

technology
क्या और महंगे होंगे आईफोन और मैकबुक? टिम कुक ने बताया क्यों कीमतों में बढ़ोतरी अब 'अनिवार्य' है
एप्पल के सीईओ टिम कुक ने संकेत दिया है कि मेमोरी और स्टोरेज चिप्स की बढ़ती लागत के कारण आईफोन और मैकबुक की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है।
20 जून 2026, 05:57 pm

technology
₹33 लाख से अधिक का पैकेज: जानें कैसे भारतीय CXO और VP लेवल के अधिकारी AI के जरिए बढ़ा रहे हैं अपनी सैलरी
भारतीय कॉरपोरेट जगत में अब AI कौशल सिर्फ इंजीनियरों तक सीमित नहीं है। नेतृत्व स्तर के अधिकारी भारी वेतन वृद्धि के लिए AI अपस्किलिंग का सहारा ले रहे हैं।
20 जून 2026, 05:41 pm

