लाइव
विज्ञापन
Demo Interstitial - Migration Consultancy
ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया

पूल, पार्टियां और जेल: ओलंपिक पदक विजेता स्कॉट मिलर के पतन और सुधार की कहानी

ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 07:10 pm
पूल, पार्टियां और जेल: ओलंपिक पदक विजेता स्कॉट मिलर के पतन और सुधार की कहानी

ओलंपिक रजत पदक विजेता स्कॉट मिलर ने ड्रग तस्करी और जेल की सजा के बाद अपने जीवन के सबसे बुरे दौर और अब सुधार की राह पर अपनी चुप्पी तोड़ी है।

ऑस्ट्रेलियाई खेल इतिहास में सफलता के शिखर से गिरकर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचने वाली कहानियों में स्कॉट मिलर का नाम सबसे ऊपर आता है। 1996 के अटलांटा ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करने वाले मिलर ने हाल ही में अपने जीवन के उस काले अध्याय पर बात की है, जिसने उन्हें एक राष्ट्रीय नायक से बदलकर एक अपराधी बना दिया था। उनकी यह कहानी न केवल खेल जगत के लिए, बल्कि ऑस्ट्रेलिया में रह रहे प्रवासी समुदायों, विशेषकर भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई परिवारों के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है। मिलर की कहानी अटलांटा में मिली सफलता के साथ शुरू हुई थी, जहां उन्होंने बटरफ्लाई स्पर्धा में रजत पदक जीता था। हालांकि, इस बड़ी सफलता के साथ आने वाले दबाव और सेलिब्रिटी लाइफस्टाइल ने उन्हें पतन की ओर धकेल दिया। मिलर ने स्वीकार किया कि सिडनी के पार्टी कल्चर और ड्रग्स की उपलब्धता ने उनकी सोच को बदल दिया। धीरे-धीरे वह 'आइस' (मेथमफेटामाइन) जैसे खतरनाक नशों की गिरफ्त में आ गए, जिससे उनका करियर और निजी जीवन पूरी तरह तबाह हो गया। साल 2021 में, मिलर को एक बड़े नशीले पदार्थों के सिंडिकेट का हिस्सा होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन पर करोड़ों रुपये की ड्रग तस्करी का आरोप लगा, जिसके बाद उन्हें साढ़े पांच साल की जेल की सजा सुनाई गई। जेल में बिताए समय के बारे में बात करते हुए मिलर ने बताया कि वह दौर उनके जीवन का सबसे कठिन समय था, लेकिन वहीं से उनकी 'मोक्ष' या सुधार की प्रक्रिया शुरू हुई। उन्होंने जेल में रहते हुए अपनी गलतियों को स्वीकार किया और नशामुक्ति की दिशा में काम करना शुरू किया। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय के लिए, मिलर का मामला एक महत्वपूर्ण सीख है। कई भारतीय माता-पिता अपने बच्चों को ऑस्ट्रेलियाई खेल संस्कृति में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। यह कहानी इस बात पर प्रकाश डालती है कि कैसे अत्यधिक प्रतिस्पर्धा, अकेलेपन और गलत संगत के कारण युवा अपनी राह से भटक सकते हैं। मिलर ने बताया कि कैसे मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी और 'पार्टी कल्चर' ने उनके जीवन को बर्बाद किया, जो आज के समय में प्रवासियों के बच्चों के लिए भी एक जोखिम भरा क्षेत्र हो सकता है। आज स्कॉट मिलर जेल से बाहर हैं और अपने जीवन को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। वे अब अपनी कहानी के माध्यम से दूसरों को नशों के खतरे के प्रति आगाह कर रहे हैं। उनका कहना है कि खेल के मैदान पर जीतना आसान था, लेकिन खुद की बुराइयों और नशे की लत से लड़ना उनके जीवन की सबसे बड़ी चुनौती रही है। मिलर की यह वापसी उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो जीवन में अपनी गलतियों को सुधारकर फिर से एक नई शुरुआत करना चाहते हैं।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

जब ब्रिस्बेन की सड़कों पर भिड़ गए थे अमेरिकी और ऑस्ट्रेलियाई सैनिक: 1942 के उस दंगे की कहानी
ऑस्ट्रेलिया

जब ब्रिस्बेन की सड़कों पर भिड़ गए थे अमेरिकी और ऑस्ट्रेलियाई सैनिक: 1942 के उस दंगे की कहानी

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ब्रिस्बेन में अमेरिकी और ऑस्ट्रेलियाई सैनिकों के बीच हुए हिंसक टकराव की ऐतिहासिक दास्तां, जिसने शहर को हिला कर रख दिया था।

20 जून 2026, 10:24 pm
विक्टोरिया पुलिस के सबसे काले दिन के छह साल: अधिकारियों ने साझा किए उस भीषण हादसे के गहरे जख्म
ऑस्ट्रेलिया

विक्टोरिया पुलिस के सबसे काले दिन के छह साल: अधिकारियों ने साझा किए उस भीषण हादसे के गहरे जख्म

ईस्टर्न फ्रीवे त्रासदी की छठी बरसी पर विक्टोरिया पुलिस ने अपने चार शहीद साथियों को याद किया। 2020 के उस हादसे ने पूरे ऑस्ट्रेलिया को झकझोर दिया था।

20 जून 2026, 10:10 pm
विंटर सोल्स्टिस: ऑस्ट्रेलिया में आज सबसे छोटा दिन, लेकिन भारतीय समुदाय के लिए अभी और बढ़ेगी सुबह की ठिठुरन
ऑस्ट्रेलिया

विंटर सोल्स्टिस: ऑस्ट्रेलिया में आज सबसे छोटा दिन, लेकिन भारतीय समुदाय के लिए अभी और बढ़ेगी सुबह की ठिठुरन

आज ऑस्ट्रेलिया में साल का सबसे छोटा दिन है, लेकिन मौसम विज्ञानियों का कहना है कि सबसे ठंडी सुबह और देरी से होने वाले सूर्योदय का सिलसिला अभी जारी रहेगा।

20 जून 2026, 09:54 pm
Original text
Rate this translation
Your feedback will be used to help improve Google Translate