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विकास रम्बल के पर्डामन ग्रुप की बड़ी पहल: ऑस्ट्रेलिया में दशकों बाद बन सकती है पहली बड़ी तेल रिफाइनरी
ICN24 Admin 29 जुल॰ 2026, 05:27 am
भारतीय मूल के उद्यमी विकास रम्बल के पर्डामन ग्रुप ने ऑस्ट्रेलिया की ईंधन सुरक्षा और स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए कर्रथा में एक नई तेल रिफाइनरी का प्रस्ताव दिया है।
ऑस्ट्रेलियाई ऊर्जा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मोड़ के रूप में, भारतीय मूल के प्रमुख उद्यमी विकास रम्बल के नेतृत्व वाले पर्डामन ग्रुप (Perdaman Group) द्वारा प्रस्तावित एक नई तेल रिफाइनरी परियोजना अब हकीकत बनने के करीब है। संघीय और पश्चिमी ऑस्ट्रेलियाई सरकारों ने संयुक्त रूप से पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के कर्रथा (Karratha) में प्रस्तावित इस रिफाइनरी के लिए 40 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के प्री-फिजिबिलिटी अध्ययन (Pre-feasibility study) की घोषणा की है। यदि यह परियोजना स्वीकृत हो जाती है, तो यह पिछले 60 से अधिक वर्षों में ऑस्ट्रेलिया की पहली नई बड़े पैमाने की तेल रिफाइनरी होगी।
प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस और पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के प्रीमियर रोजर कुक ने कर्रथा में पर्डामन के 'प्रोजेक्ट सेरेस' (Project Ceres) के दौरे के दौरान इस वित्त पोषण की आधिकारिक घोषणा की। इस कदम को ऑस्ट्रेलिया की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि घरेलू स्तर पर ईंधन शोधन की क्षमता बढ़ाने से न केवल आयात पर निर्भरता कम होगी, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आने वाली बाधाओं के खिलाफ देश अधिक लचीला बनेगा।
प्रस्तावित रिफाइनरी का मुख्य उद्देश्य डीजल और अन्य परिवहन ईंधनों के घरेलू उत्पादन को बढ़ाना है। वर्तमान में, ऑस्ट्रेलिया अपनी ईंधन आवश्यकताओं के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार और आयातित आपूर्ति पर बहुत अधिक निर्भर है। हाल के वर्षों में वैश्विक संघर्षों और आपूर्ति श्रृंखला में आए व्यवधानों ने इस कमी को उजागर किया है। संघीय सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह परियोजना सरकार के 1.5 करोड़ डॉलर के 'ईंधन रिफाइनरी व्यवहार्यता कार्यक्रम' के तहत सहायता प्राप्त करने वाली पहली परियोजना है, जो उसकी व्यापक 15 अरब डॉलर की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है।
आर्थिक दृष्टिकोण से, यह परियोजना पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया और पूरे देश के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकती है। रिफाइनरी के निर्माण के दौरान हजारों रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है, जबकि इसके चालू होने के बाद लंबी अवधि के लिए कुशल संचालन नौकरियों का सृजन होगा। विकास रम्बल ने इस अवसर पर कहा कि उनकी टीम ऑस्ट्रेलिया के औद्योगिक भविष्य को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और यह रिफाइनरी क्षेत्रीय विकास के साथ-साथ राष्ट्रीय हित को भी साधने का काम करेगी।
पर्डामन ग्रुप की यह पहल न केवल ऑस्ट्रेलिया की ऊर्जा नीति को नया आकार देगी, बल्कि यह भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय की बढ़ती आर्थिक शक्ति और उद्यमिता का भी प्रमाण है। विकास रम्बल जैसे उद्यमियों ने अपनी मेहनत और दूरदृष्टि से ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में अपनी जगह बनाई है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस प्री-फिजिबिलिटी अध्ययन के परिणामों पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि कर्रथा की धरती पर ऑस्ट्रेलिया के नए औद्योगिक युग की शुरुआत कब होगी।
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