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ऑस्ट्रेलिया: वन नेशन पार्टी का बड़ा ऐलान, सत्ता में आने पर 'बहुसांस्कृतिक मामलों' का मंत्रालय और पद होगा खत्म
ICN24 Admin 5 जुल॰ 2026, 07:05 am

वन नेशन पार्टी ने ऑस्ट्रेलिया के बहुसांस्कृतिक ढांचे को बदलने का प्रस्ताव दिया है, जिसमें संबंधित मंत्रालय को समाप्त करने और सेवाओं को केवल अंग्रेजी में देने की बात कही गई है।
ऑस्ट्रेलिया की राजनीति में एक नई बहस छिड़ गई है। दक्षिणपंथी दल 'वन नेशन' (One Nation) ने घोषणा की है कि यदि वह भविष्य में सत्ता में आता है, तो वह ऑस्ट्रेलिया के 'ऑफिस फॉर मल्टीकल्चरल अफेयर्स' (Office for Multicultural Affairs) को पूरी तरह से समाप्त कर देगा। इसके साथ ही, पार्टी ने संघीय 'बहुसांस्कृतिक मामलों के मंत्री' (Minister for Multicultural Affairs) के पद को भी हटाने का प्रस्ताव रखा है। यह कदम देश के मौजूदा बहुसांस्कृतिक ढांचे में एक बड़े बदलाव का संकेत देता है, जो दशकों से ऑस्ट्रेलिया की पहचान रहा है।
न्यू साउथ वेल्स के सीनेटर शॉन बेल ने इस नीति की रूपरेखा पेश करते हुए कहा कि उनकी पार्टी का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया का वर्तमान 'मल्टीकल्चरल मॉडल' अब प्रभावी नहीं रह गया है। बेल के अनुसार, देश को एकीकरण (Integration) पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है, जिसका मुख्य आधार अंग्रेजी भाषा होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वन नेशन का उद्देश्य लोगों को अपनी मातृभाषा बोलने से रोकना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी कामकाज और सेवाओं की एकमात्र आधिकारिक भाषा अंग्रेजी ही रहे।
इस प्रस्तावित नीति के तहत, वर्तमान में उपलब्ध कई द्विभाषी और बहुभाषी सरकारी सेवाओं को बंद कर दिया जाएगा। वन नेशन का तर्क है कि सरकारी सेवाओं को प्राथमिक रूप से केवल अंग्रेजी में ही दिया जाना चाहिए ताकि प्रवासियों को मुख्यधारा के समाज में घुलने-मिलने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। सीनेटर बेल ने जोर देकर कहा कि एक साझा भाषा ही एक मजबूत और एकजुट राष्ट्र का निर्माण कर सकती है।
हालांकि, इस प्रस्ताव ने देश भर में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और मौजूदा सरकार के बीच चिंता पैदा कर दी है। वर्तमान में, ऑस्ट्रेलियाई सरकार 'एडल्ट माइग्रेंट इंग्लिश प्रोग्राम' (AMEP) और 'ट्रांसलेटिंग एंड इंटरप्रिटिंग सर्विस' (TIS National) जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से प्रवासियों और शरणार्थियों को महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करती है। ये सेवाएं गैर-अंग्रेजी भाषी प्रवासियों को स्वास्थ्य देखभाल, रोजगार, शिक्षा और अन्य कानूनी सहायता प्राप्त करने में मदद करती हैं।
संघीय बहुसांस्कृतिक मामलों की मंत्री एने अली (Anne Aly) ने वन नेशन के इस प्रस्ताव की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने सरकार द्वारा वित्त पोषित इन कार्यक्रमों का बचाव करते हुए कहा कि भाषा संबंधी सहायता केवल सुविधा नहीं, बल्कि एक बुनियादी आवश्यकता है। अली ने तर्क दिया कि ये सेवाएं प्रवासियों को ऑस्ट्रेलिया के आर्थिक और सामाजिक ढांचे का हिस्सा बनने में सक्षम बनाती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इन सेवाओं को हटाने से समाज के सबसे कमजोर तबके अलग-थलग पड़ जाएंगे और उन्हें आवश्यक सेवाओं तक पहुँचने में भारी कठिनाई होगी।
विपक्ष और कई स्वतंत्र विश्लेषकों का मानना है कि वन नेशन का यह कदम ऑस्ट्रेलिया की 'सफल बहुसांस्कृतिक पहचान' को नुकसान पहुँचा सकता है। ऑस्ट्रेलिया को दुनिया के सबसे विविध देशों में गिना जाता है, जहाँ की आबादी का एक बड़ा हिस्सा विदेशों में पैदा हुआ है। यदि यह नीति लागू की जाती है, तो यह न केवल प्रवासियों के जीवन को प्रभावित करेगी, बल्कि ऑस्ट्रेलिया के अंतरराष्ट्रीय अक्स को भी बदल सकती है। फिलहाल, इस घोषणा ने आगामी चुनावी माहौल में 'अप्रवासन और एकीकरण' के मुद्दे को केंद्र में ला दिया है।
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