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भारत के जिला अस्पतालों में कैंसर विशेषज्ञों की भारी कमी, स्वास्थ्य सुविधाओं पर उठे गंभीर सवाल
ICN24 Newsroom 5 जुल॰ 2026, 05:31 am

भारत के जिला अस्पतालों में कैंसर के उपचार और विशेषज्ञों की भारी कमी ने देश की स्वास्थ्य प्रणाली की गंभीर खामियों को उजागर किया है। विशेष रूप से मध्य प्रदेश में स्थिति चिंताजनक है।
भारत के ग्रामीण और जिला स्तर के स्वास्थ्य ढांचे में एक बड़ा संकट गहराता जा रहा है। हालिया रिपोर्टों और चिकित्सा विशेषज्ञों के बयानों के अनुसार, देश के अधिकांश जिला अस्पतालों में कैंसर विशेषज्ञों (ऑन्कोलॉजिस्ट) और कैंसर के बुनियादी उपचार के लिए आवश्यक सुविधाओं का भारी अभाव है। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ बताया है।
FAIMA के प्रवक्ता डॉ. आकाश सोनी ने विशेष रूप से मध्य प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां जिला अस्पतालों की स्थिति बेहद दयनीय है। ये अस्पताल, जो किसी भी जिले में स्वास्थ्य सेवा के प्राथमिक स्तंभ होने चाहिए, कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से लड़ने में पूरी तरह असमर्थ दिख रहे हैं। डॉ. सोनी के अनुसार, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (AAM) में लोगों की स्क्रीनिंग तो की जा रही है और शुरुआती लक्षणों की पहचान भी हो रही है, लेकिन जब उपचार की बात आती है, तो जिला स्तर पर कोई बुनियादी ढांचा उपलब्ध नहीं है।
यह समस्या केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत के कई राज्यों में यही स्थिति बनी हुई है। विशेषज्ञ बताते हैं कि कैंसर के उपचार में समय का बहुत महत्व होता है। यदि जिला स्तर पर उपचार उपलब्ध नहीं होता, तो मरीजों को बड़े शहरों और निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। इससे न केवल इलाज में देरी होती है, बल्कि गरीब परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ भी पड़ता है। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्क्रीनिंग के बाद यदि समय पर इलाज शुरू न हो, तो पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य ही विफल हो जाता है।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह खबर विशेष रूप से चिंताजनक है। 'इंडियन कम्युनिटी नेटवर्क' (ICN24) से बातचीत में कई प्रवासियों ने बताया कि भारत में रह रहे उनके बुजुर्ग माता-पिता की स्वास्थ्य देखभाल उनकी सबसे बड़ी चिंता है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय मूल के लोग अक्सर भारत में अपने परिवारों के लिए चिकित्सा खर्च भेजते हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण वे खुद को असहाय महसूस करते हैं। सिडनी में रहने वाले एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने बताया कि जिला स्तर पर सुविधाओं के अभाव के कारण उन्हें अपने माता-पिता को इलाज के लिए गांव से दूर किसी महानगर में शिफ्ट करना पड़ा, जो काफी तनावपूर्ण रहा।
चिकित्सा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि सरकार को न केवल स्क्रीनिंग सेंटरों पर ध्यान देना चाहिए, बल्कि जिला अस्पतालों में कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी जैसी बुनियादी सुविधाओं को भी सुनिश्चित करना चाहिए। डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञों की तैनाती और बेहतर प्रोत्साहन की आवश्यकता है। जब तक जिला स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ नहीं किया जाएगा, तब तक कैंसर जैसी बीमारियों के खिलाफ भारत की जंग अधूरी रहेगी।
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